देहरादून। पुलिस ने चोरी की दो स्कूटियों के साथ दो लोगों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनको न्यायालय में पेश किया जहां से उनको न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार हरगोपाल अग्रवाल पुत्र रंगीलाल निवासी आदर्श ग्राम थाना ऋषिकेश द्वारा कोतवाली ऋषिकेश पर एक लिखित तहरीर दी कि आदर्शग्राम ऋषिकेश से उनकी स्कूटी चोरी कर ली है। तहरीर के आधार पर कोतवाली ऋषिकेश पर तत्काल मुकदमा दर्ज किया गया। घटना के खुलासे तथा गिरफ्तारी हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह द्वारा पुलिस टीम को आवश्यक निर्देश दिये गये। निर्देशों के अनुपालन में पुलिस टीम द्वारा घटना स्थल का निरीक्षण कर आस—पास तथा आने जाने वाले रास्तों पर लगे लगभग 120 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेजों का बारीकी से जांच करते हुए संदिग्धों के सम्बन्ध में जानकारियां एकत्रित की गयी। प्राप्त जानकारी के आधार पर पुलिस टीम द्वारा सुरागरसी/पतारसी करते हुए साथ ही पूर्व में इस प्रकार की घटनाओं में प्रकाश में आये लोगों की वर्तमान स्थिती की जानकारी कर उनका भौतिक सत्यापन किया गया। पुलिस टीम द्वारा किये जा रहे लगातार प्रयासों के परिणाम स्वरूप चैकिंग के दौरान पुलिस टीम द्वारा मिली सूचना पर जंगलात बैरियर के पास से 02 लोगों को हिरासत में लिया। जिन्होंने अपने नाम कुलदीप सिह पुत्र टीकम सिह तथा माइकल एड्रूस पुत्र स्व. डैनी को उक्त घटना में चोरी की गयी स्कूटी के साथ गिरफ्तार किया गया। आरोपियों से सख्ती से पूछताछ में उनके द्वारा बताया गया कि वे दोनो नशे के आदी हैं तथा अपने नशे की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिये उनके द्वारा उक्त वाहन चोरी की घटना को अंजाम दिया गया था, साथ ही पूर्व में प्रेमनगर क्षेत्र से भी उनके द्वारा एक अन्य स्कूटी को चोरी किया गया था, जिसे उन्होने लच्छीवाला के जंगलों में छिपा रखा था। आरोपियों की निशानदेही पर लच्छीवाला के जगंलों से आरोपियों द्वारा प्रेमनगर से चोरी कर छिपाई गयी स्कूटी को बरामद किया गया। आरोपी उक्त स्कूटियों को अपने नशे की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिय सस्ते दामों में बेचने की फिराक में थे, किन्तु गाडियों के कागज नहीं होने के कारण उन्हें कोई खरीददार नहीं मिला, जिस पर आरोपियों की उक्त स्कूटियों को जनपद से बाहर अन्यत्र ले जाकर बेचने की योजना थी पर इससे पूर्व ही पुलिस द्वारा उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनको न्यायालय में पेश किया जहां से उनको न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।




