देहरादून। पुलिस ने चोरी की महिन्द्रा थार के साथ दो लोगों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मुकेश कुमार निवासी ब्रहमावाला खाला रायपुर द्वारा थाने पर प्रार्थना पत्र दिया कि हैन्लौंग नाम का व्यक्ति उनकी थार गाड़ी को किराए पर ले गया था और अब वापस नहीं लौट रहा है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर नामजद व्यक्ति हैनलौंग से पूछताछ करने पर उसके द्वारा बताया गया कि उक्त थार गाड़ी को कुल्हान सहस्त्रधारा रोड से चोरों द्वारा चुरा लिया गया है। घटना के खुलासे तथा चोरों की गिरफ्तारी हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा पुलिस टीम को आवश्यक निर्देश दिये गये। जिसके क्रम में पुलिस टीम द्वारा घटना स्थल के आस—पास तथा आने जाने वाले रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेजों से संदिग्धों के सम्बन्ध में आवश्यक जानकारियां एकत्रित की गई। संदिग्धों के प्राप्त हुलिये के सम्बन्ध में सुरागरसी पतारसी करते हुए स्थानीय तंत्र को भी सक्रिय किया गया। इसके साथ ही पूर्व में इस प्रकार के अभियोगों में जेल गये आरोपियों की वर्तमान स्थिती का भौतिक सत्यापन किया गया। पुलिस टीम द्वारा किये जा रहे प्रयासों के परिणाम स्वरूप मिली सूचना पर उक्त चोरी की गई थार गाड़ी आरटीओ चेक पोस्ट निकट ग्राफिक एरा कट थाना क्लेमेंट टाउन क्षेत्रान्तर्गत सड़क किनारे खड़ी है। जिस पर पुलिस टीम द्वारा मौके पर दबिश देते हुए उपरोक्त वाहन में बैठे दो आरोपियों अंकित कुमार व मनीष चौधरी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस द्वारा पूछताछ किए जाने पर अंकित कुमार व मनीष चौधरी द्वारा बताया गया कि वो दोनो शामली उत्तर प्रदेश के निवासी हैं। दोनों ही बचपन के दोस्त हैं तथा आपस में रिश्तेदार हैं। अंकित ट्रांसपोर्ट का कार्य करता है तथा मनीष चौधरी ब्लिंकिट में काम करता है। लगभग 02 वर्ष पूर्व उनकी मुलाकात सुरेंद्र पांडे पुत्र आर्यन पांडे निवासी राधा कृष्ण एनक्लेव चंद्र बनी थाना पटेल नगर से हुई थी जो की टैक्सी व्यवसाय का कार्य करता है। सुरेन्द्र पांडे से लगातार सम्पर्क में थे, लगभग 01 सप्ताह पूर्व सुरेंद्र पांडे ने दोनो को शराब पीने के दौरान बताया कि उसने आईटी पार्क निवासी मुकेश कुमार नामक व्यक्ति जो टूर एंड ट्रेवल्स का काम करता है से लगभग 15—20 दिन पहले सफेद रंग की थार गाड़ी किराए पर ली थी और जब वह गाड़ी को सहारनपुर लेकर गया था तो उसने उसकी डुप्लीकेट चाबी बनवा ली थी। सुरेंद्र पांडे ने फोन कर दोनों को बुलाया और बताया कि वह गाड़ी कुल्हान सहस्त्रधारा रोड क्षेत्र अंतर्गत एक कॉलोनी के बाहर खड़ी है और उसे डुप्लीकेट चाबी से स्टार्ट कर चोरी करनी है। इस योजना के अनुसार सुरेंद्र पांडे की बलेनो गाड़ी से सहस्त्रधारा रोड की ओर निकले जिसमें सुरेंद्र स्वयं वाहन चला रहा था और अंकित व मनीष उसके साथ बैठे थे। सुरेंद्र ने उन्हें पेसिफिक गोल्फ के समीप एक ऐसी जगह पर पहुंचाया जहां एक सफेद रंग की महिंद्रा थार गाड़ी सड़क किनारे खड़ी थी वहां पहुंचकर सुरेंद्र बलेनो गाड़ी से उतर गया और कहा कि तुम लोग आगे चलो वह थोड़ी रेकी कर आता है फिर उसने थार गाड़ी में बैठकर उसे डुप्लीकेट चाबी से स्टार्ट किया और पीछे—पीछे चलने लगा जबकि अंकितं और मनीष बलेनो गाड़ी से आगे आगे चल रहे थे। सुरेन्द्र पाण्डे द्वारा आरोपियों को बताया गया कि अगले दिन वह दिल्ली जा रहा है और गाड़ी को क्लेमेंट टाउन क्षेत्र में आरटीओ चेकपोस्ट से पहले जंगल किनारे एक खाली स्थान पर खड़ा कर देगा और चाबी वह अपने पास ही रखेगा क्योंकि उसका इरादा उस गाड़ी को बेचने का था। सुरेन्द्र पाण्डे द्वारा दोनों अभियुक्तों को कहा गया कि जब वो कहे तो उसके बताये हुए व्यक्ति को उक्त गाड़ी वहीं से सौंप देना । इस पूरे कार्य के बदले सुरेन्द्र द्वारा दोनो को 50—50 हजार रूपये दिये जाने का लालच दिया गया था। सुरेन्द्र पाण्डे की गिरफ्तारी के प्रयास किये जा रहे हैं।




