नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ का कहना है कि उन्होंने अपने करियर में कभी भी सरकार के दबाव में काम नहीं किया है। सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा कि जज के तौर पर अपने 24 साल के करियर में मैंने कभी भी किसी भी सरकार के दबाव में काम नहीं किया है। उन्होंने ऑक्सफोर्ड से जुड़े एक कार्यक्रम में कहा कि हम सभी स्तरों पर न्यायपालिका की शक्ति बढ़ाने के लिए सरकार के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। सीजेआई ने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट के स्तर, हाईकोर्ट और जिला स्तर पर जजों की संख्या बढ़ाने को लेकर सरकार के साथ चर्चा कर रहे हैं। ये पूछने पर कि क्या सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढे़गी? इस पर सीजेआई ने कहा कि मौजूदा समय में सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या 34 है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने के लिए संवैधानिक संशोधन की जरूरत है। भारत में जजों की आबादी का अनुपात दुनिया में सबसे कम है। हमें बढ़ते मामलों को देखते हुए अधिक से अधिक जजों की जरूरत है। हमें ये भी लगता है कि जितनी जल्दी हो सके अदालतों में इन पदों पर नियुक्तियां की जानी चाहिए। बता दें कि इससे पहले चंद्रचूड़ ने कहा था कि चुनाव संवैधानिक लोकतंत्र का मूल आधार हैं, भारत में न्यायाधीशों का चुनाव नहीं होता। इसके पीछे एक वजह है कि जज परिस्थितियों की निरंतरता, संवैधानिक मूल्यों की निरंतरता की भावना को प्रतिबिंबित करते हैं।



