देहरादून। पटेलनगर क्षेत्र में अवैध रूप से रह रहे पांच बांग्लादेशी नागरिकों को पुलिस ने बीएसएफ के साथ मिलकर बांग्लादेशी ऐजेसिंयों को सौंप दिया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि दून पुलिस ने एक अहम कार्रवाई करते हुए भारत में अवैध रूप से रह रहे पांच बांग्लादेशी नागरिकों को नियमानुसार उनके देश डिपोर्ट कर दिया है। इस कार्रवाई को पुलिस और बीएसएफ के आपसी समन्वय और कुशल रणनीति के तहत अंजाम दिया गया है। बताया कि पुलिस और उत्तराखण्ड एसटीएफ द्वारा बीती 20—21 मई को पटेलनगर थाना क्षेत्र में सत्यापन अभियान के दौरान पांच संदिग्ध नागरिक (चार महिलाएं व एक पुरुष) हिरासत में लिए गए थे। पूछताछ के दौरान उनके पास से ऐसा कोई वैध दस्तावेज नहीं मिला जिससे वे भारतीय नागरिक सिद्ध हो सकें। सघन पूछताछ और जांच के बाद यह पुष्टि हो गई कि ये सभी व्यक्ति बांग्लादेशी नागरिक हैं और बिना किसी वैध दस्तावेज के भारत में रह रहे थे।
उन्होने बताया कि भारत सरकार के स्पष्ट निर्देशों के क्रम में अवैध रूप से देश में रह रहे विदेशी नागरिकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए दून पुलिस ने इन्हें नियमानुसार डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू की। जिसके लिए एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया, जिसने बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क और समन्वय बनाए रखा। इस त्वरित और सफल अभियान के अंतर्गत बीते रोज देहरादून पुलिस ने बीएसएफ के माध्यम से इन पांचों बांग्लादेशी नागरिकों को भारत—बांग्लादेश सीमा पर ले जाकर संबंधित बांग्लादेशी एजेंसी को सुपुर्द कर दिया गया।
इस प्रकार दून पुलिस ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अवैध नागरिकों के खिलाफ उनकी नीति स्पष्ट और सख्त है।
उन्होने बताया कि इस कार्रवाई को देश की आंतरिक सुरक्षा और सामाजिक संतुलन की दृष्टि से बेहद आवश्यक माना जा रहा है। वहीं, आम नागरिकों से भी यह अपील की गई है कि वे अपने आस—पास रहने वाले संदिग्ध व्यक्तियों की जानकारी पुलिस को अवश्य दें, ताकि सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जा सके।




