बीते एक दशक में देश की राजनीति की दिशा और दशा में जिस तरह का बदलाव आया है उसे लेकर देश के लोग हैरान परेशान है। इन दिनों यह बात आमतौर पर आए दिन सुनी जा सकती है कि इससे पूर्व देश में इस तरह की स्थिति कभी नहीं देखी गई और अब तो आम लोग यहां तक कहते सुने जा सकते हैं कि यह हालात तो आपातकाल में भी नहीं हुए थे। दरअसल इस दौर में सत्ता द्वारा सभी संवैधानिक व्यवस्थाओं और राजनीतिक मर्यादाओं की सीमाओं को तोड़ा गया है तथा समाज में डर भय और नफरत का माहौल बनाया गया है अब वह अपनी चरम स्थिति पर जा पहुंचा है। एक दिन पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली—मेरठ मिनी मेट्रो का शुभारंभ करते समय दिए गए अपने भाषण में कांग्रेस पर हमला बोलते हुए राजनीतिक नंगई पर उतरने का आरोप लगाया उनका यह कहना कि कांग्रेस जो पहले से ही नंगी थी अब तो उसने नंगेपन की सीमाएं पार कर दी। सही मायने में वर्तमान की राजनीति के नंगेपन का ही सबूत है। प्रधानमंत्री मोदी ने यह बात ए आई समिट में कांग्रेसियों के निर्वस्त्र प्रदर्शन को लेकर कहीं गई। प्रधानमंत्री को कांग्रेसियों का प्रदर्शन विश्व में देश की छवि खराब करने वाला लगा। यह स्वाभाविक है कि जिस ए आई समिट में गलगोटिया यूनिवर्सिटी द्वारा चीन निर्मित एक डाग को अपना प्रोडक्ट बता कर पेश किया गया और इसकी कलई खुल जाने के बाद देश की विश्व भर में बड़ी किरकिरी हुई थी, पीएम मोदी उस बात से इतना आहत थे कि वह कांग्रेस पर इस तरह टूट पड़े कि शाब्दिक राजनीतिक सीमाओं का ख्याल भी नहीं रख सके। कांग्रेस जो इन दिनों हर मुद्दे पर हमलावर है और सरकार को तमाम मुद्दों पर बैक फुट पर धकेल चुकी है को भी पटवार करना ही था। राहुल गांधी का वायरल वीडियो जिसमें वह कांग्रेस के प्रदर्शन और विरोध को देश की बुनियाद बताते हुए कह रहे हैं कि अहिंसा और विरोध प्रदर्शन का यह लोकतांत्रिक तरीका महात्मा गांधी और भगत सिंह ने देश को दिया था। वह पीएम मोदी को उन्हीं की तर्ज पर जवाब देते हैं कि देश के लिए शर्म की बात विरोध प्रदर्शन नहीं, अमेरिका के साथ की गई ट्रेड डील है जिसमें देश के किसानों के हित गिरवी रखे गए हैं। देश के लिए शर्म की बात वह फाइल है जिसमें पीएम मोदी व उनके मंत्री तथा मित्रों के नाम शामिल हैं। शर्म अमेरिका में दर्ज अडानी पर वह केस हैं जिसके कारण उन्हें रातों की नींद नहीं आती है। वह चीनी कुत्ता है जिसे ए आई समिट में अपना बताकर पेश किया गया। यूं तो सत्ता और विपक्ष के बीच तमाम मुद्दों पर तकरार की स्थिति ने हालात को वहां तक पहुंचा दिया है जहां संसद में कामकाज ठप हो चुका है लेकिन पीएम मोदी और नेता विपक्ष के बीच चुनौतियों और तल्खियोंं की जो रेखाएं खिंच चुकी है वह देश की राजनीति की नंगई की सीमाएं तोड़ती दिख रही हैं ऐसी स्थिति में इस देश के लोकतंत्र का भविष्य क्या होगा? चिंतनीय विषय है। गाली और गोली से आगे निकलते देश की राजनीति का यह नंगापन शर्मनाक है मगर नेता है उन्हें कुछ भी करने और कुछ भी कहने में कोई शर्म नहीं आती है।


