- विरोध में छात्रों का कोतवाली में जमकर हंगामा
नैनीताल। चिकित्सक पुनीत कुमार गोयल से मारपीट के मामले में छात्र संघ अध्यक्ष सूरज रमोला और उसके साथियों के खिलाफ कार्रवाई पर बीते रोज छात्रों ने कॉलेज से कोतवाली तक जमकर हंगामा काटा। छात्र नेताओं ने कॉलेज में तालाबंदी और हंगामा करते हुए प्रवेश का पहला दिन बाधित कर दिया। जिसके बाद छात्र नेताओं का गुट कोतवाली पहुंच गया। पहले कोतवाली घेरकर हंगामा किया और फिर सीओ दफ्तर में घुसकर सीओ के सामने नारेबाजी की गयी।
बता दें कि मुखानी में केवीएम स्कूल के सामने रेडिएंट हॉस्पिटल में बीती 5 जुलाई को छात्रों द्वरा डॉ.पुनीत कुमार गोयल के साथ मारपीट की घटना को अंजाम दिया गया था। इस मामले में मुखानी पुलिस ने चिकित्सक की तहरीर पर छात्र संघ अध्यक्ष सूरज रमोला, विशाल सैनी, हितेश जोशी, राहुल मठपाल, मनीकेत तोमर, मोहित खोलिया व अन्य अज्ञात के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के तहत मुकदमा दर्ज किया था। तब से छात्र संघ अध्यक्ष सहित सभी आरोपी फरार हैं।
वहीं पुलिस की इस कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए छात्र नेता बड़ी संख्या में मूर्ति राम बाबू राम स्नातकोत्तर महाविघालय पहुंच गए। जहंा छात्र नेताओं ने हंगामा करते हुए प्रवेश प्रक्रिया बाधित कर दी और कॉलेज गेट में ताला डाल दिया। हंगामे की सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंची, लेकिन छात्र नेताओं ने प्रवेश प्रक्रिया शुरू नहीं होने दी। जिसके बाद बड़ी संख्या में छात्र—छात्राएं कोतवाली पहुंच गए। करीब आधा घंटा नारेबाजी और हंगामा करने के बाद सभी सीओ सिटी के दफ्तर में घुस गए। यहां छात्रों ने सीओ सिटी नितिन लोहनी का घेराव कर लिया और नारेबाजी करते हुए पुलिस पर गलत मुकदमा दर्ज करने का आरोप लगाया। सीओ नितिन लोहनी ने छात्रों का भरोसा दिया है कि मामले की जांच की जा रही है और किसी भी निर्दाेष पर कार्रवाई नहीं की जाएगी। छात्र नेताओं का कहना है कि बुधवार को छात्रसंघ की ओर से एमबीपीजी का छात्र अभिषेक सैनी कोतवाली में डॉक्टर गोयल के खिलाफ रिपोर्ट लिखाने गया था। कोतवाली में पुलिस ने उसे कई घंटो बैठाए रखा और फिर भी उसकी रिपोर्ट नहीं लिखी। इसे लेकर छात्रों ने पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया है। छात्रों ने आरोप लगाते हुए कहा है कि अस्पताल में उनका साथी भर्ती था, जिसके डिस्चार्ज होने पर उन्होंने डॉक्टर से बिल कम करने के लिए कहा था और इसी बात पर डॉक्टर गोयल ने उनसे बदसलूकी शुरू कर दी और फिर हाथापाई शुरू हो गई। छात्रों ने डॉक्टर की दराज से रुपये निकालने के आरोप भी गलत बताया है। छात्रों ने अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज चेक कराने की मांग की है।



