– कुख्यात प्रवीण वाल्मीकि गैंग के साथ सम्बन्धो का है आरोप
देहरादून। कुख्यात प्रवीण बाल्मीकि गैंग से सम्बन्धों के आरोप में एसटीएफ ने दो पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी पुलिसकर्मियों द्वारा वाल्मीकि गैंग के सम्बन्धों के चलते आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर द्वारा बताया गया कि कुख्यात प्रवीण वाल्मीकि गैंग के सम्बन्ध में पिछले माह एक सूचना मिली थी कि उसका भतीजा मनीष बाँलर, पंकज अष्ठवाल आदि 6 लोग गैंग की बागडोर संभाल कर जमीनों पर अवैध रूप से कब्जा कर रहे है। मामले की गम्भीरता को देखते हुए एसटीएफ द्वारा जांच शुरू कर दी गयी। जांच के दौरान मामला सही पाये जाने पर पहली बार वाल्मिकी गैंग के 2 सदस्यों मनीष बाँलर और पंकज अष्ठवाल निवासी ग्राम सुनेहरा थाना गंगनहर जनपद हरिद्वार को थाना गंगनहर क्षेत्र में दबिश मारकर गिरफ्तार किया गया। मनीष बाँलर एवं पंकज अष्टवाल से पूछताछ में जमीन की विक्रय करने वाली फर्जी रेखा व संलिप्त सदस्यों की जानकारी प्राप्त हुई है, जिस पर फर्जी रेखा बनी महिला निर्देश पत्नी कुलदीप सिंह निवासी ज्वालपुर हरिद्वार की भी एसटीएफ द्वारा गिरप्तारी की जा चुकी है। इस प्रकरण में दो पुलिसकर्मियों की संलिप्तता पाए जाने पर उनकी गिरफ्तारी की गई है। जिनको न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
एसएसपी एसटीएफ नवनीत सिंह भुल्लर द्वारा बताया गया कि रुड़की क्षेत्र के ग्राम सुनेहरा के रहने वाले श्याम बिहारी की वर्ष 2014 में मृत्यु हो गई थी जिसकी करोड़ो रुपए की संपत्ति ग्राम सुनेहरा क्षेत्र में स्थित है श्याम बिहारी की मृत्यु के पश्चात इस संपत्ति की देखभाल उसका छोटा भाई कृष्ण गोपाल कर रहा था वर्ष 2018 में प्रवीण वाल्मीकि गैंग द्वारा इस संपत्ति को कब्जा करने की नियत से कृष्ण गोपाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके पश्चात इस संपत्ति की देखभाल श्याम बिहारी की पत्नी रेखा द्वारा की जाने लगी तो प्रवीण वाल्मीकि द्वारा रेखा को धमकाकर संपत्ति अपने नाम पर करने के लिए दबाव बनाया गया परंतु वह नहीं मानी तो उसके भाई सुभाष पर वर्ष 2019 में अपने भतीजे मनीष बॉलर व उसके साथियों के साथ गोली चलवायी गई, जिसमें हत्या की धाराओं में थाना गंगानगर में मुकदमा दर्ज किया गया। इन दोनों घटनाओं से रेखा का परिवार डर गया और वह रुड़की क्षेत्र छोड़कर कहीं अज्ञात स्थान पर छिप कर रहने लगे। इसके बाद रेखा व कृष्ण गोपाल की संपत्ति को प्रवीण वाल्मिकी व उसके गैंग के सदस्यों द्वारा फर्जी रेखा व कृषण गोपाल की पत्नी स्नेहलता बनाकर फर्जी पाँवर अटार्नी तैयार की गई तथा इन सम्पत्तियों को आगे बेचा गया इस काम में मनीष बाँलर का सहयोगी पंकज अष्टवाल था जिसने रेखा की फर्जी पावर अटार्नी अपने नाम करवाकर करोंड़ो मूल्य की सम्पत्ति को खुर्द बुर्द कर आगे बेचा । प्रवीण वाल्मीकि गैंग का इतना भय था कि इस परिवार ने अपनी जान माल की रक्षा के लिए किसी से कोई भी शिकायत नहीं दर्ज कराई गई। जांच के दौरान इस प्रकरण में एसटीएफ ने पाया कि पुलिसकर्मी शेर सिंह व हसन जैदी जो कि जनपद पिथौरागढ़ में नियुक्त हैं, के आपसी सम्बन्ध कुख्यात अपराधी प्रवीण बाल्मीकि और मनीष बाल्मीकि उर्फ बॉलर के गिरोह के साथ हैं, इनकी प्रवीण वाल्मिकी के साथ जेल में मुलाकात करने के विवरण के साथ—साथ मनीष बॉलर के साथ आपसी काल रिकार्ड पाये गये। इसके अलावा इनके द्वारा पीडित पक्ष पर उनकी जमीन को कब्जाने के लिए दवाब बनाया गया। उसके लिए शेर सिंह के द्वारा दिनांक 26 अपै्रल 2025 को रुड़की कोर्ट परिसर मे पीडित पक्ष को बुलाकर तारीख पर आए हुये प्रवीण बाल्मीकि से मुलाकात कराकर एवं माह मार्च 2025 में हसन जैदी द्वारा मनीष बॉलर के साथ पीड़िता रेखा के पुत्र सूर्यकांत को रूड़की हॉस्पिटल में जाकर डराया धमकाया गया और अपनी सम्पत्ती को विक्रय करने के लिये दबाव बनाया गया था। बहरहाल एसटीएफ टीम द्वारा इन दोनों पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।




