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जल प्रलय से हा—हाकार

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  • दून—हरिद्वार में पेड़ गिरे, घरों में घुसा पानी
  • धारचूला में बादल फटा, बह गया मोटर मार्ग
  • हल्द्वानी नाले में बहे बाइक सवार, बच गई जान

देहरादून। मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्व चेतावनी के अनुरूप राजधानी दून सहित कई जिलों में भारी बारिश का क्रम कल शाम से ही लगातार जारी है। जिसके कारण जनजीवन पूरी तरह से थम गया है। सड़कों पर वाहनों की भीड़ नहीं है तथा बाजारों में सन्नाटा पसरा है नदी—नालों और खालो में उफान आया हुआ है और लोग डरे हुए हैं।
बीते कल शाम से राज्य के 6—7 जनपदों में लगातार भारी बारिश हो रही है। आफत की इस बरसात के मद्देनजर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा प्रबंधन विभाग की बैठक ली और सभी अधिकारियों के जीरो ग्राउंड पर सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। कोटद्वार से प्राप्त समाचार के अनुसार आज दोपहर एक मैक्स वाहन पर दुगड्डा के सिद्धबली मंदिर के पास भारी बोल्डर गिरने से ड्राइवर व उसके साथ वाली सीट पर बैठे एक युवक की मौत हो गई जबकि सात अन्य लोग घायल हो गए। उधर धारचूला में थिन्मू नाले के पास बादल फटने से भारी मलवा व पानी सड़क पर आने से सोवला ढाकर सड़क मार्ग 30 मीटर पास आउट हो गया। इससे दारमा घाटी का संपर्क मुख्यालय से टूट गया है।
बात राजधानी दून की की जाए तो यहां कई स्थानों पर भारी बारिश के चलते पेड़ों के गिरने और आवासीय कॉलोनियों में जल भराव की खबरें हैं। राजधानी के बीच से गुजरने वाले नदी नाले खाले उफान पर हैं। तमसा में आए उफान के बाद टपकेश्वर मंदिर प्रांगण में पानी घुस गया है। कचहरी परिसर और कन्वेंट रोड पर पेड़ गिरने से मार्ग बाधित हो गया। हरिद्वार में पेड़ गिरने व जगह—जगह जल भराव की खबरें हैं। लक्सर की नील धारा गंगा का जल स्तर बढ़ने से ग्रामीणों में दहशत है तथा ऋषिकेश में गंगा का जलस्तर बढ़ने से सभी घाट जलमग्न हो गए हैं। रुड़की में सोलनी नदी उफान पर है तथा गौरी काली और सरयू के साथ—साथ राज्य की सभी नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। हल्द्वानी में आज दो बाइक सवार नाले के तेज बहाव में बह गए जिन्हें रेस्क्यू कर उनकी जान किसी तरह बचा ली गई। राज्य में अभी कुछ दिन बारिश के ऐसे ही हालात बने रहेंगे की उम्मीद है।

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