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500 किलो मिलावटी पनीर जब्त

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  • एफडीए ने की बड़ी कार्रवाई

देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में आज खाघ संरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) द्वारा एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 500 किलो मिलावटी पनीर जब्त किया गया है। यह पनीर न केवल खाघ सुरक्षा मानकों के खिलाफ था, बल्कि आम लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी बेहद खतरनाक साबित हो सकता था।
जानकारी के अनुसार आज सुबह एक सूचना के आधार पर जिला एफडीए अधिकारी मनीष सयाना और रमेश सिंह ने स्थानीय पुलिस के साथ भंडारी बाग क्षेत्र में चेकिंग अभियान चला रखा था। इस दौरान उन्हे एक सफेद हुंडई इयोन कार वैन संदिग्ध हालत में दिखाई दी। कार को रोका गया और उसकी तलाशी ली गई तो कार की डिग्गी तथा सीट में से बिना किसी ठंडा रखने की व्यवस्था के लगभग 500 किलो पनीर बरामद किया गया, जिसे बेहद अस्वच्छ प्लास्टिक की बोरियों से ढककर और खुले में ढोया जा रहा था। मौके पर पनीर की भौतिक जांच की गई और प्रारंभिक दृष्टया यह मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त पाया गया। वाहन में पनीर स्वामी मोहम्मद इरशाद पुत्र खलील अहमद नामक व्यक्ति मौजूद था, जो बरामद पनीर के कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका और न निर्माण स्थल का प्रमाण, न ही वितरण का रजिस्ट्रेशन अथवा ब्रांडिंग संबंधी जानकारी दे सका।


एफडीए अधिकारियों के अनुसार, पनीर जैसे दुग्ध उत्पादों को उचित तापमान में संग्रहित और परिवहन किया जाना अत्यंत आवश्यक होता है। यदि ऐसा न किया जाए तो यह उत्पाद जल्दी खराब हो सकते हैं और उसमें हानिकारक बैक्टीरिया उत्पन्न हो सकते हैं, जो फूड पॉयजनिंग, डायरिया, टायफॉइड, और हड्डियों की कमजोरी जैसी बीमारियों का कारण बन सकते हैं। पनीर के सैंपल मौके पर लेकर परीक्षण के लिए राज्य खाघ विश्लेषण प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं, बाकी लगभग 500 किग्रा. पनीर को ट्रेचिंग ग्राउंड कारगी चौक में नष्ट किया गया है। रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ खाघ सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं इतनी बड़ी मात्रा मेंं मिलावटी पनीर की बरामदगी के बाद एफडीए आयुक्त डॉ. आर राजेश कुमार ने कहा मिलावटी खाघ पदार्थों के खिलाफ हमारी नीति स्पष्ट और कठोर है। ऐसी सामग्री उपभोक्ताओं की जान से खिलवाड़ है। हम प्रदेश भर में नियमित अभियान चला रहे हैं और यह बरामदगी हमारे उसी प्रयास का हिस्सा है। विभाग ट्टजीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रहा है। यह कार्रवाई न केवल एक बड़ी खेप को बाजार में पहुँचने से रोकने में सफल रही, बल्कि यह भी दर्शाती है कि राज्य प्रशासन अब खाघ सुरक्षा को लेकर अत्यधिक संवेदनशील और सख्त हो चुका है।

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