देहरादून। विकासनगर में ढालीपुर के जंगल में युवती का रक्तरंजित शव मिला था जिसकी पहचान मनीषा के रूप में हुई थी। इस हत्याकाण्ड को मृतका के चचेरे भाई ने अंजाम दिया था। पहचान होने के बाद घटना के 24 घ्ंाटे बाद भी पुलिस हत्यारे को पकडने में कामयाब नहीं हो सकी।
उल्लेखनीय है कि गत दिवस प्रातः ग्रामीणं ढालीपुर के जंगल में लकडियां लेने गये तो वहां पर जंगल के अन्दर एक युवती का शव पडे होने से सनसनी फैल गयी और ग्रामीणों ने इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी। युवती का शव मिलने की सूचना से पुलिस विभाग में हडकम्प मच गया। आनन फानन में एसएसपी अजय सिंह, एसपी देहात पंकज गैरोला, विकासनगर कोतवाल पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। मृतका के चेहरे व सिर पर चोटों के निशान मिले। जिसके बाद पुलिस ने आसपास के लोगों से शव की शिनाख्त कराने का प्रयास किया तो मृतका की पहचान ढालीपुर निवासी आनंद की पुत्र मनीषा के रूप में हुई। मृतका के परिजन मौके पर पहुंचे और उन्होंने बताया कि मृतका 12वीं कक्षा की छात्रा थी। पुलिस को शव के पास एक मोटरसाईकिल भी बरामद हुई। पुलिस ने ग्रामीणों व उसके परिजनों से पूछताछ की तो पता चला कि गत दिवस मृतका अपने चचेरे भाई सुरेन्द्र के साथ घर से निकली थी। लेकिन उसके चचेरे भाई का कुछ पता नहीं चला और उसकी मोटरसाईकिल भी मौके पर ही पडी मिली। पुलिस ने जांच की तो पता चला कि मृतका बोक्सा जाति की थी। तथा उसके चचेरा भाई सुरेन्द्र 30 साल का है तथा जोकि अविवाहित है। जांच में यह बात भी सामने आयी कि सुरेन्द्र के परिवार की एक महिला के साथ नाजायज सम्बन्ध थे। आसपास के लोगों का मानना है कि इन अवैध सम्बन्धों के चलते कहीं इस हत्याकाण्ड को अंजाम दिया गया हो सकता है। क्योंकि मृतका ने कहीं सुरेन्द्र व उक्त महिला को आपत्तिजनक हालत में देख लिया होगा जिसके चलते उसकी हत्या की गयी है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज हत्यारोपी की तलाश शुरू कर दी। घटना के 24 घंटे बाद भी पुलिस हत्यारोपी को पकडने में कामयाब नहीं हो सकी। जबकि हत्यारे की साफ पहचान होने के बाद भी पुलिस उस तक नहीं पहुंच सकी है।




