Home संपादकीय नशा कर रहा है युवाओं को बर्बाद!

नशा कर रहा है युवाओं को बर्बाद!

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आजकी भागदौड़ भरी जिंदगी में जो माता—पिता अपने युवा हो रहे बच्चों पर ध्यान नहीं दे रहे उसके घातक परिणाम उनके सामने सकते हैं। शहरों में गांजा, चरस, अफीम स्मैक कारोबार पैर पसार चुका है, जिसकी चपेट में सर्वाधिक युवा वर्ग रहा है। प्रतिबंधित नशे का कारोबार खूब फल—फूल रहा है। पुलिस को भी जानकारी है, आए दिन नशे के सामान के साथ नशा तसकर पुलिस के हत्थे चढ़ते रहते हैं लेकिन पुलिस पूरी तरह से इस पर लगाम नहीं लगा पा रही है। राज्य में गैरसरकारी संस्थानों द्वारा सैकडों नशा मुक्ति केंद्र चलाये जा रहे हैं। लेकिन इन नशा मुक्ति केंद्रों की विश्वसनीयता भी सवालों के घेरे में रहते हैं। कभी कुछ नशा तस्कर पुलिस के हाथ भी लग जाते हैं तो वह भी कुछ ही दिनों में जमानत पर छूट जाते हैं। बढ़ती नशावृत्ति और नशा तस्करी को रोकने के लिए शासन प्रशासन न अगर प्रभावी कदम नहीं उठाये तो यह समस्या एक बडा सामाजिक कैंसर बन जायेगी। नशीली दवाओं एवं नशीले मादक पदार्थों की पहुंच बड़े—बड़े महानगरों से होते हुए छोटे शहरों, कस्बों के गलियारों से होते हुए गांवों तक पहुंच चुकी है। शराब, गुटखा, तम्बाकू, बीड़ी—सिगरेट, कोरेक्स, ड्रग्स, नशीली टेबलेट्स, चरस, गांजा, अफीम, स्मैक सहित भांति—भांति के नशीले पदार्थों की खेप पर खेप बड़े स्तर से लेकर छोटे स्तर तक बड़ी सुगमता से पहुंच रही है। नशे का प्रसार इतना व्यापक हो चुका है कि बच्चे किशोरावस्था से ही इसकी चपेट में आने लग जाते हैं। आज के समय में संयुक्त परिवार के सिमटते दायरे एवं एकल परिवार की अवधारणा के चलते बच्चों की परवरिश में दादा—दादी एवं अन्य सम्बंधों की भूमिका नगण्य हो गई जिसके चलते अब बच्चों की देखभाल एवं जिम्मेदारी केवल माता—पिता के कंधों पर आ गई। जीवन की व्यस्ताओं के चलते कई माता—पिताओं का भी बच्चों से नाता लगभग शून्य सा ही रह गया। बच्चों के लिए उनके पास इस बात के लिए समय ही नहीं रह गया कि वे अपने बच्चों की आदतों एवं उनकी दिनचर्या की निगरानी कर सकें। इसी के चलते जब बच्चों पर कोई अंकुश नहीं रह गया तो वे नशे जैसी बुरी आदतों के शिकार होने लग जाते हैं। नशे ने हमारी पूरी युवा पीढ़ी को अपनी चपेट में ले लिया है, अगर ऐसा ही चलता रहा तो इस बात की संभावना शत—प्रतिशत है कि देश का भविष्य नशे के आगे घुटने टेक कर दम तोड़ देगा। युवा पीढ़ी को नशे की लत से बचाने के लिए अभिभावकों के साथ—साथ सभी को एक होकर नशे के कारोबार के खिलाफ आवाज बुलंद करनी होगी।

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