- मंत्री प्रदीप बत्रा व गणेश जोशी रहे मौजूद
उद्धमसिंह नगर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा में सैनिक सम्मान समारोह में शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने खुद को सैनिक का बेटा बताया और कहा कि सैनिकों का बलिदान हमेशा ही राष्ट्र के लिए प्रेरणा रहेगा। यह कार्यक्रम उनके पिता, सूबेदार स्वर्गीय शेर सिंह धामी की छठी पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित किया गया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिजनों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले सैनिकों का बलिदान सदैव राष्ट्र के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान सैनिक मिलन केंद्र और सीएसडी कैंटीन का लोकार्पण भी किया। उन्होंने स्वयं कैंटीन से खरीदारी कर इसकी शुरुआत की। उन्होंने कहा कि इस कैंटीन के खुलने से क्षेत्र के सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को बड़ी सुविधा मिलेगी।
धामी ने स्वयं को “सैनिक पुत्र” बताते हुए कहा कि उन्हें सेना और सैनिक परिवारों की जरूरतों का भलीभांति अहसास है, और राज्य सरकार उनके कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रही है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सैनिक, पूर्व सैनिक और स्थानीय लोग मौजूद रहे, जिन्होंने इस आयोजन को भावनात्मक और गौरवपूर्ण बना दिया।
सैनिकों के सम्मान में सीएम धामी ने एक्स पर लिखा, “सीआरपीएफ के शौर्य दिवस पर सभी वीर जवानों के अदम्य साहस और सर्वाेच्च बलिदान को नमन। आज का यह दिन हमें उस अद्वितीय वीरता और साहस की याद दिलाता है, जब 9 अप्रैल 1965 को कच्छ के रण में सीआरपीएफ के जांबाज जवानों ने दुश्मन को करारी शिकस्त देकर राष्ट्र की सुरक्षा और सम्मान की रक्षा की थी। अटूट संकल्प और अदम्य पराक्रम के बल पर हमारे वीर जवानों ने यह साबित कर दिया कि देशभक्ति और साहस से बड़ी कोई शक्ति नहीं होती। आइए, हम सभी उन अमर जवानों को नमन करते हुए राष्ट्र की रक्षा हेतु सदैव समर्पित रहने का संकल्प लें।”




