Home उत्तराखंड देहरादून आईना दिखाया तो बुरा मान गये

आईना दिखाया तो बुरा मान गये

0
375


लोक गायक पवन सेमवाल अब अपने एक और गीत को लेकर विवादों के घेरे में आ गये। ट्टनी धामी रे, मी धामी रे, गीत गाने को लेकर उत्तराखण्ड के लोगों की भावनाये इतनी मर्रमाहत हो गयी हैं कि उन्होंने पवन सेमवाल पर राज्य की बेटियों और महिलाओं की मर्यादाओं को कलंकित करने का आरोप लगाया है। उनके खिलाफ पुलिस में दी गयी शिकायत के बाद पुलिस ने थाने ले जाकर उनसे पूछताछ भी की गयी। शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। यह कोई पहला मर्तबा नहीं है जब राज्य के लोक गायकों ने सत्ता शीर्ष पर बैठे नेताओं को झकझोरा न हो। नेगी दा के नौ छमी नारायण से लेकर पवन के नी धामी रे, तक अब तक कई ऐसे गीत चर्चाओं के केन्द्र में आ चुके है और गायकों को एक अलग पहचान दिला चुके हैं। इस बार कुछ अलग हटकर हो रहा है तो यह हो रहा है कि किसी भी मुख्यमंत्री ने या फिर उसके समर्थकों ने पुलिस में इसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं करायी गयी है। ट्टनौ छमी नारायण’ और अब कतका खेंलू गाने वाले ने तो अपने गीतों से आईना दिखाने की कोशिश की गयी हो या फिर झेपू दा गाने वाले पवन सेमवाल जिन्होंने इस पर यह कहकर माफी भी मांगी थी कि अगर इससे किसी की भावनाएं आहत हुई है तो वह माफी मांगते है। लेकिन सोशल मीडिया पर झेपू दा को तीन दिन के अन्दर मिले 90 हजार लोगों ने यह सिद्ध कर दिया कि अपने गीतों के माध्यम से राज्य के नेताओं को सच का आईना दिखाने वाले गायकों के प्रयास खूब भाते हैं। किसी भी लेखक, गायक व पत्रकार के लिए इससे बडा कोई ईनाम कुछ नहीं हो सकता कि वह सच को सच कहने की हिम्मत रखता हो और लोग भी यही चाहते हैं। गढवाली गायक पवन सेमवाल भी हैं तो पहाडी ही। वह कहीं बाहर से आये हुए नही हैं। उनके इस गीत में वह पहाड के जिस दर्द को बयां करना चाहते हैं या तो उसे गलत समझा जा रहा है या फिर उसे समझने का प्रयास भी नहीं किया जा रहा है। अथवा उसकी व्याख्या ही गलत तरीके से की जा रही है। राज्य में महंगाई बेरोजगारी और अपराधों के बढते ग्राफ व भ्रष्टाचार के हालात को ठीक से समझने की जरूरत है। एनसीआर 2022 की रिपोर्ट के अनुसार महिला अपराधों के कुल 4337 मामले दर्ज हुए जो 2021 की तुलना में नौ से सात प्रतिशत अधिक हैं। बलात्कार के कुल 876 मामले दर्ज हुए जो देश के तमाम 40 राज्यों के तुलना में सबसे अधिक हैं। बाल यौन शोषण के 637 मामले में सबसे अधिक हैं। उत्तराखण्ड को नशा मुक्त बनाने के दावों के बीच पहाड पर शराब को नशा मुक्त बनाने के दावों के बीच पहाड पर शराब की सप्लाई का मजबूत ढांचा तैयार किया गया है वह किसी से छुपा नही है। उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य है जहंा लिव इन रिलेशन को सरकारी मान्यता प्रदान की गयी है। अंकिता हत्याकाण्ड की कहानी राज्य में कई महिलाओं और बेटियो ंपर हो रहे अत्याचारों को समझने के लिए काफी है। यह समझ से परे हैं कि पवन सेमवाल ने इस गीत में ऐसा क्या कुछ कह दिया है कि जो सच नहीं है। हां यह जरूर माना जा सकता है कि इस सच वह उजागर करने में कुछ ज्यादा ही बेबाक हो गया है। सेमवाल इस गीत को गाते समय यह भूल गये हैं कि इतना कटु सत्य को सत्ता कैसे पचा पायेगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस कठोर सच को कहने पर उन्हें भी सजा दी जायेगी या फिर उनकी क्षमा याचना को ही काफी मान लिया जायेगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here