मैसूर। कर्नाटक के चामराजनगर जिले में स्थित माले महादेश्वर वन्यजीव अभयारण्य में संदिग्ध परिस्थितियों में पाँच बाघ मृत पाए गए। इनमें एक बाघिन और उसके चार शावक शामिल हैं। बाघों के अप्राकृतिक मौत पर दुख जताते हुए वन मंत्री ईश्वर खंड्रे ने प्रधान मुख्य वन संरक्षक के नेतृत्व वाली टीम को जांच के आदेश दिए हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव और मुख्य वन्य जीव अधिकारी को लिखित निर्देश जारी करते हुए मंत्री ने कहा कि, सरकार ने जंगल में 5 बाघों की मौत को बहुत गंभीरता से लिया है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। बताया जा रहा है कि, ग्याम के वन क्षेत्र में बुधवार शाम को जब वन विभाग के कर्मचारी गश्त कर रहे थे, तब इन बाघों की अप्राकृतिक मौत का पता चला। वनकर्मियों को संदेह है कि, बाघिन और उसके शावकों की मौत जहर के कारण हुई है। वन विभाग के सूत्रों ने बताया कि, बाघों की मौत के जगह से कुछ ही दूरी पर एक गाय का शव भी मिला है। वन विभाग ने एक बयान में कहा कि, बाघों की मौत का कारण संदिग्ध है और पोस्टमार्टम के बाद सही कारण पता चलेगा।




