July 31, 2026देहरादून। राजधानी देहरादून के व्यस्तम क्षेत्र घंटाघर के पास चकराता रोड पर आज सुबह एक दुकान में आग लगने की घटना से अफरा—तफरी मच गयी। सूचना मिलने पर पुलिस व फायरकर्मियों ने मौके पर पहुंच कर आग पर काबू पाया। आग लगने की इस घटना से दुकान का सारा सामान जल चुका है।जानकारी के अनुसार आज सुबह लगभग 7 बजे चकराता रोड पर गोयल फोटो के पास एक दुकान में आग लगने की घटना से अफरा तफरी मच गयी। स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना पुलिस व दमकल विभाग को दी। सूचना मिलने पर पुलिस व दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और लगभग एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। बताया जा रहा है कि यह दुकान मिक्सिंग व फ्रेमिंग की है। जिसका सारा सामान इस घटना में जलकर स्वाह हो चुका है। हालांकि पुलिस व दमकल विभाग दुकान में आग लगने के कारणों की जांच में जुटी है। वहीं प्रथम दृष्टया आग लगने के कारणों में शाट सर्किट होने की बात भी कही जा रही है।
July 30, 2026देहरादून। राजधानी के क्लेमेनटाउन क्षेत्र स्थित नई बस्ती में गुरुवार को दर्दनाक हादसे में दो सगी बहनों की बरसाती नाले में बहने से मौत हो गई। हादसे के समय दोनों बच्चियां घर के बाहर खेलते-खेलते नाले के पास पहुंच गई थीं। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।पुलिस के अनुसार, गुरुवार शाम करीब चार बजे राजेश मित्तल ने क्लेमेनटाउन थाने को सूचना दी कि दुर्गा मंदिर, नई बस्ती के पास बरसाती नाले में दो बच्चियां बहकर रैंप के नीचे फंस गई हैं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। तब तक स्थानीय लोगों ने दोनों बच्चियों को बाहर निकाल लिया था, लेकिन उनकी मौत हो चुकी थी।मृतक बच्चियों की पहचान लक्ष्मी कुमारी (7) और सोनाक्षी कुमारी (3) के रूप में हुई है। दोनों रुदल सदा और रीना कुमारी की बेटियां थीं। परिवार मूल रूप से बिहार के खगड़िया जिले के छोटम पिपरा गांव का निवासी है और वर्तमान में क्लेमेनटाउन की नई बस्ती में किराये के मकान में रहकर दिहाड़ी मजदूरी करता है।मृतक बच्चियों की मां रीना कुमारी ने पुलिस को बताया कि गुरुवार दोपहर करीब एक बजे दोनों बेटियां घर के बाहर बरसाती नाले में नहाने गई थीं। इसी दौरान अचानक नाले में पानी का तेज बहाव आ गया और दोनों बहकर नाले के ऊपर बने रैंप के नीचे फंस गईं। काफी देर तक बच्चियां घर नहीं लौटीं तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान बड़ी बेटी की टांग रैंप के नीचे दिखाई दी। इसके बाद स्थानीय लोगों की मदद से दोनों बच्चियों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
July 30, 2026हरिद्वार। श्यामपुर क्षेत्र के पीली पड़ाव क्षेत्र में आज सुबह हाथी के हमले से एक व्यक्ति की मौत हो गयी। सूचना मिलने पर पुलिस व वन विभाग की टीमों ने मौके पर पहुंच कर अग्रिम कार्यवाही शुरू कर दी है।जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान यूसुफ (50) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि युसूफ किसी कार्य से जंगल के समीप स्थित क्षेत्र में गया था। इस दौरान अचानक एक जंगली हाथी ने उस पर हमला कर दिया। हाथी के हमले से वह गम्भीर रूप से घायल हो गया और घटना स्थल पर ही उसकी मौत हो गयी। मामले की जानकारी मिलने पर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और उन्होने पुलिस व वन विभाग को घटना की सूचना दी। वहीं सूचना मिलने पर वन विभाग व पुलिस की टीमों ने मौक्े पर पहुंच कर अग्रिम कार्यवाही शुरू कर दी है।
July 30, 2026हरिद्वार। शादी का झांसा देकर लम्बे समय से नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी को पुलिस ने दुष्कर्म व पोक्सो एक्ट के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। जिसे न्यायालय मेे पेश कर जेल भेज दिया गया है।जानकारी के अनुसार बीती 27 जुलाई को थाना कलियर में एक व्यक्ति द्वारा तहरीर देकर बताया गया था कि अब्दुल रहमान पुत्र इकलाख निवासी इमलीखेडा कोतवाली पिरान कलियर जनपद हरिद्वार द्वारा उनकी नाबालिग पुत्री के साथ 2020 से शादी का झांसा देकर लगतार दुष्कर्म किया जा रहा है। मामले में पुलिस ने दुष्कर्म सहित पोेक्सों अधिनियम की धाराओं मे मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी गयी। जिसिे पुलिस ने बीती रात रहमतपुर गांव से गिरफ्तार कर लिया है। जिसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है।
July 30, 2026उत्तराखंड सचिवालय में निजी सचिव पद पर तैनात है आरोपी कार्मिक देहरादून। उत्तराखंड सचिवालय में तैनात एक निजी सचिव पर अपनी पत्नी की दहेज के लिए हत्या करने का गंभीर आरोप लगा है। मामले में पुलिस ने मृतका के पति, सास व ननद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।मामला डोईवाला कोतवाली क्षेत्र का है। जहां विवाह के महज आठ महीने बाद सरकारी शिक्षिका सृष्टि कंडारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका के परिजनों ने पति समेत ससुराल पक्ष के तीन लोगों पर दहेज उत्पीड़न और हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।जानकारी के अनुसार पौड़ी गढ़वाल के श्रीनगर स्थित श्रीकोट निवासी स्वर्गीय सुमेर सिंह कंडारी की बेटी सृष्टि कंडारी, जो पेशे से सरकारी शिक्षिका थीं, का विवाह नवंबर 2025 में देहरादून के डोईवाला क्षेत्रांर्तगत हर्रावाला स्थित लक्ष्मण एन्क्लेव (दिल्ली फार्म) निवासी सौरभ खत्री से हुआ था। सौरभ खत्री उत्तराखंड सचिवालय में निजी सचिव के पद पर कार्यरत है। मृतका की मां सीमा कंडारी का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही सृष्टि को दहेज और अन्य बातों को लेकर लगातार मानसिक, शारीरिक और सामाजिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। शिकायत में कहा गया है कि पति सौरभ खत्री, सास परवीना देवी और ननद चारू अक्सर उसे अपमानित करते थे और विभिन्न कारणों से परेशान करते थे।परिजनों के अनुसार, शादी के लगभग तीन महीने बाद सृष्टि के ससुर को हार्ट अटैक आया था। बाद में उनका निधन हो गया। आरोप है कि किसी पंडित की बात का हवाला देते हुए ससुराल पक्ष ने सृष्टि को ट्टमनहूस’ कहना शुरू कर दिया और परिवार में हो रही हर अनहोनी के लिए उसे जिम्मेदार ठहराया जाने लगा। इसके बाद उसके साथ मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना और बढ़ गई।मृतका की मां सीमा कंडारी का कहना है कि जब काफी समय तक बेटी से फोन पर संपर्क नहीं हो पाया तो उन्होंने एक परिचित को सृष्टि के ससुराल भेजा। परिचित ने बताया कि सृष्टि की तबीयत खराब होने पर उसे अस्पताल ले जाया गया है। यह सूचना मिलने के बाद परिवार तत्काल देहरादून पहुंचा, जहां उन्हें पता चला कि 29 जुलाई को ही सृष्टि की मौत हो चुकी थी। परिजनों का आरोप है कि ससुराल वालों ने घटना की जानकारी उन्हें समय पर नहीं दी। पूछने पर उन्होंने व्यस्त होने का कारण बताया।मृतका की मां सीमा कंडारी ने थाना डोईवाला में पति सौरभ खत्री, सास परवीना देवी और ननद चारू के खिलाफ लिखित तहरीर देकर दहेज के लिए प्रताड़ित कर हत्या करने का आरोप लगाया है। मामले की संवेदनशीलता और मुख्य आरोपी के उत्तराखंड सचिवालय में निजी सचिव के पद पर कार्यरत होने को देखते हुए जांच पुलिस उपाधीक्षक (सीओ) वंदना वर्मा को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
July 30, 2026नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिया है कि वह उग्र भीड़ को हटाने के लिए पेलेट गन के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक नहीं लगाएगा। कोर्ट ने कहा है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर जो मानक प्रक्रिया बनाई जानी है, उसमें पेलेट गन के इस्तेमाल की स्थितियों पर भी स्पष्टता दी जाएगी। दिल्ली में संसद चलो प्रदर्शन के दौरान रैपिड एक्शन फोर्स की तरफ से पेलेट गन के इस्तेमाल के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने यह बातें कहीं हैं।यह याचिका पूर्व आईपीएस अधिकारी यशोवर्धन आजाद और दो अन्य लोगों— प्रशांत कुमार सिंह और शेख इरशाद मंसूरी ने दायर की है। प्रशांत और इरशाद ने का कहना है कि 20 जुलाई को परीक्षा पेपर लीक के मुद्दे पर आयोजित प्रदर्शन के दौरान रैपिड एक्शन फोर्स ने पेलेट गन चलाया। उसके धातु वाले छर्रे लगने से वह घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था, जहां सर्जरी के जरिए उनके शरीर में घुसे छर्रों को निकाला गया।चीफ जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की बेंच ने पेलेट गन के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक की मांग को अव्यवहारिक कहा। जस्टिस बागची ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन भी अचानक हिंसक रूप ले सकता है, ऐसे में सुरक्षा बलों को परिस्थितियों के अनुसार चरणबद्ध प्रतिक्रियादेनी पड़ती है।कोर्ट ने यह भी कहा कि पुलिस और सुरक्षा बलों की नियमावली विशेष परिस्थितियों में पेलेट गन के इस्तेमाल की अनुमति देती है। याचिकाकर्ता ने उस नियम को चुनौती दिए बिना पेलेट गन पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग की है। यह याचिका अपने आप में अस्पष्ट है। इस पर वकील ने कहा कि वह सिर्फ मेटालिक पेलेट (धातु के छर्रे) के इस्तेमाल पर रोक की मांग कर रही हैं। उनकी मांग प्लास्टिक या रबर पेलेट को लेकर नहीं है। जजों ने कहा वह मामले पर विचार करेंगे, लेकिन पहले याचिकाकर्ता अपनी याचिका में जरूरी संशोधन करे। कोर्ट ने केंद्र सरकार से पेलेट गन के इस्तेमाल से जुड़े नियम पेश करने के लिए कहा। साथ ही, 20 जुलाई को की गई कार्रवाई में हथियारों के इस्तेमाल से जुड़े लॉग बुक (रिकॉर्ड) को सुरक्षित रखने का भी निर्देश दिया।सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की वकील वृंदा ग्रोवर ने कोर्ट से कहा कि एक पीड़ित का सही से इलाज नहीं हो पा रहा है। इस पर कोर्ट ने दिल्ली सरकार से कहा कि वह घायल याचिकाकर्ता और दूसरे प्रभावित लोगों का जरूरी इलाज सुनिश्चित करे।