June 27, 2026तीन स्थानीय युवक घायल, 10 राजस्थानी पर्यटक हिरासत में देहरादून। चारधाम यात्रा के दौरान इन दिनों होने वाले बवाल थमने का नाम नहीं ले रहे है। अभी बीते दिनों कर्णप्रयाग व रूद्रप्रयाग के नगरासू तथा देहरादून में होने वाला बवाल थम भी नहीं पाया था कि बीती रात श्रीनगर में स्थानीय युवकों और राजस्थान के प्रर्यटको के बीच जमकर बवाल काटा गया। जिसमें तीन स्थानीय युवक गम्भीर रूप से घायल हो गये। सूचना मिलने पर पुलिस ने 10 राजस्थानी पर्यटको को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी गयी है।प्रत्यक्षदर्शियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पौड़ी चुंगी पर एक वाहन को ओवरटेक करने को लेकर दोनों पक्षों में शुरू हुई बहस धीरे—धीरे तीखी होती गई। विवाद श्रीयंत्र टापू क्षेत्र तक पहुंचते—पहुंचते हाथापाई में बदल गया। आरोप है कि राजस्थान के कार सवार युवकों ने अपने अन्य साथियों को बुलाकर स्थानीय युवकों पर डंडों और पत्थरों से हमला कर दिया। एक स्थानीय युवक पर दांत से काटने का भी गंभीर आरोप लगाया गया है। इस घटना में तीन स्थानीय युवकों को चोटें आईं। घायलों को तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई।घटना की सूचना मिलते ही श्रीनगर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने राजस्थान से आए कुल 10 यात्रियों को हिरासत में लेकर थाने में बंद कर दिया। पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए हैं और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि घायल युवक आज कोतवाली पहुंचकर लिखित शिकायत देंगे, जिसके आधार पर आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। घटना के बाद श्रीनगर गढ़वाल के स्थानीय युवकों में भारी आक्रोश देखा गया। बड़ी संख्या में युवक थाने पहुंचे और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। देर रात तक कई युवक थाने के बाहर धरने पर बैठे रहे। युवकों ने हाल ही में कर्णप्रयाग, नगरासू और देहरादून में हुई इसी तरह की घटनाओं का हवाला देते हुए उत्तराखंड पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने स्थानीय लोगों की सुरक्षा और पर्यटकों द्वारा नियमों का पालन सुनिश्चित करने की मांग की है।बता दें उत्तराखंड पर्यटन के लिए प्रसिद्ध है। श्रीनगर गढ़वाल चारधाम यात्रा मार्ग और स्थानीय पर्यटन स्थलों के कारण राजस्थान समेत देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में यात्री आते हैं। ऐसे में पर्यटकों और स्थानीय समुदाय के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है।
June 26, 2026उधमसिंहनगर। पंडित गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौघोगिकी विश्वविघालय, पंतनगर में आयोजित दो दिवसीय पूर्व छात्र सम्मेलन का शुभारंभ आज केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तथा कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वे हरित क्रांति की पावन भूमि पंतनगर में आकर धन्य हुए हैं। उन्होंने कहा कि पंतनगर विश्वविघालय भारतीय कृषि के इतिहास का गौरवशाली केंद्र है, जिसने देश को वैज्ञानिक, नीति—निर्माता, कृषि उघमी तथा उत्कृष्ट मानव संसाधन प्रदान कर कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन तथा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड देश ही नहीं, बल्कि विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनने की ओर अग्रसर है।चौहान ने पंतनगर विश्वविघालय को परंपरा, आधुनिकता और अनुसंधान का त्रिवेणी संगम बताते हुए कहा कि देश आज लगभग 377 मिलियन टन खाघान्न उत्पादन कर रहा है। देश के अन्न भंडार पूरी तरह भरे हुए हैं तथा चावल उत्पादन में भारत, चीन को पीछे छोड़कर विश्व में प्रथम स्थान पर पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि गेहूं का उत्पादन भी अधिशेष है तथा भारतीय गेहूं एवं बासमती चावल की मांग विश्वभर में लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि में पंतनगर विश्वविघालय का योगदान अतुलनीय है और इसलिए वे इस पावन भूमि को बार—बार नमन करते हैं।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पारंपरिक फसलों के संरक्षण पर बल देते हुए फल एवं विविध कृषि उत्पादों के उत्पादन को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। साथ ही उन्होंने कृषि उत्पादन से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए विश्वविघालय के पूर्व छात्रों एवं विशेषज्ञों की समिति बनाकर ठोस सुझाव देने का आह्वान किया, ताकि उन पर गंभीरता से विचार किया जा सके। इससे पहले, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान तथा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पंतनगर संग्रहालय एवं स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया तथा कृषि विश्वविघालय के विघार्थियों से संवाद किया। उन्होंने विघार्थियों के साथ धान की फसल की रोपाई भी की। केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने पंतनगर विश्वविघालय परिसर में पौधरोपण भी किया।कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने हरित क्रांति की जननी पंतनगर विश्वविघालय में उपस्थित सभी अतिथियों एवं पूर्व छात्रों का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए कहा कि राज्य गठन के बाद हमारी कृषि भूमि अवश्य कम हुई है, लेकिन कृषि उत्पादन में 3 लाख टन की वृद्धि हुई है। कार्यक्रम में सांसद अजय भटृ, विधायक शिव अरोरा, त्रिलोक सिंह चीमा, बंशीधर भगत, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, हुकम सिंह कुंवर, रणजीत सिंह नामधारी, सचिव डॉ. एस. एन. पांडे, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, कुलसचिव दीपा विनय सहित अनेक अधिकारी एवं पूर्व छात्र उपस्थित रहे।
June 26, 2026नई दिल्ली। यूनाइटेड किंगडम में हिरासत में लिए गए उत्तराखण्ड निवासी कैप्टन अजय पंत के मामले में भारतीय उच्चायोग, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों के क्रम में लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहा है। इस संबंध में भारत के लंदन स्थित उच्चायोग द्वारा मुख्यमंत्री धामी को विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई गई है।उच्चायोग के अनुसार कैप्टन अजय पंत वर्तमान में एचएमपी विनचेस्टर में न्यायिक हिरासत में हैं। 19 जून 2026 को उच्चायोग ने जेल की टेलीफोन व्यवस्था के माध्यम से उनसे संपर्क स्थापित किया था। इस बातचीत में कैप्टन पंत ने स्वयं को स्वस्थ बताते हुए कहा कि उन्हें जेल परिसर में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाएं दी जा रही हैं। साथ ही वो अपनी पत्नी के साथ भी नियमित संपर्क में हैं।मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में उच्चायोग ने बताया कि इस मामले को यूनाइटेड किंगडम के विदेश, राष्ट्रमंडल एवं विकास कार्यालय के समक्ष भी उठाया गया है, ताकि कैप्टन पंत को समयबद्ध कांसुलर सहायता उपलब्ध हो सके तथा उनकी सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं अधिकारों का पूर्ण संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। उच्चायोग कैप्टन पंत की पत्नी, उनके नियोक्ता कंपनी एनर्जियोस मैरीटाइम प्राइवेट लिमिटेड, कानूनी प्रतिनिधियों तथा अन्य संबंधित पक्षों के साथ भी लगातार संपर्क बनाए हुए है। कंपनी ने कैप्टन पंत को कानूनी सहायता एवं परिवार को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।उच्चायोग ने बताया है कि कैप्टन पंत को न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने के बाद न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। इस मामले की अगली सुनवाई 16 जुलाई 2026 को निर्धारित है। उच्चायोग ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया है कि कैप्टन पंत एवं उनके परिवार को आवश्यक कांसुलर सहायता और सहयोग निरंतर उपलब्ध कराया जाता रहेगा।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि राज्य सरकार अपने नागरिकों के हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है तथा कैप्टन अजय पंत के मामले में भारत सरकार, विदेश मंत्रालय एवं भारतीय उच्चायोग के साथ निरंतर संपर्क बनाए हुए है।
June 26, 2026उधमसिंहनगर। रुद्रपुर क्षेत्र में पुरानी रंजिश ने एक बार फिर खूनी रूप ले लिया। लालपुर चौकी क्षेत्र के टिब्बा इलाके में बीती शाम एक 17 वर्षीय युवक विक्रांत बागी को नजदीक से गोली मार दी गई। गंभीर रूप से घायल युवक ने हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में उपचार के दौरान देर रात दम तोड़ दिया है। वहीं सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।जानकारी के अनुसार, विक्रांत का किच्छा क्षेत्र के सैजनी गांव निवासी एक युवक से किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था। बीती शाम कहासुनी बढ़ने के बाद आरोपी ने कथित तौर पर तमंचे से फायर कर दिया और मौके से फरार हो गया। गोली लगने से घायल विक्रांत को परिजन पहले जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां हालत गंभीर देखते हुए उसे हल्द्वानी रेफर किया गया।हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में चिकित्सकों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन देर रात उसकी मौत हो गई। युवक की मौत की सूचना मिलते ही परिजनों और परिचितों में आक्रोश फैल गया। अस्पताल परिसर में स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया। घटना की सूचना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं, जबकि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। पुलिस के अनुसार फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित कर दबिश दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
June 26, 2026आरोपी पोक्सो व कुकर्म के आरोप में पूर्व में भी जा चुका है जेल पिथौरागढ़। पांच वर्षीय मासूम का अपहरण कर दुष्कर्म करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि अपहरण के कुछ घंटो बाद भी मासूम को पुलिस ने बरामद कर लिया था। गिरफ्तार आरोपी पूर्व में भी कुकर्म व पोक्सो एक्ट के आरोप में कई जेलो में सजा काट चुका है।जानकारी के अनुसार बीती 23 जून को कोतवाली पिथौरागढ में एक व्यक्ति द्वारा अपनी नाबालिग पुत्री (उम्र 5 वर्ष)के समय दोपहर करीब एक बजे से लापता होने के सम्बन्ध मे गुमशुदगी दर्ज करायी गयी थी। गुमशुदगी की जांच के दौरान पुलिस ने जब क्षेत्र के सीसी कैमरे खंगाले तो पता चला कि एक अंजान व्यक्ति गुमशुदा बालिका को अपने साथ ले जा रहा है। पुलिस टीम की अथक मेहनत के उपरान्त गुमशुदा नाबालिग बालिका को गुम होने के 8 घण्टे के भीतर टनकपुर तिराहे के पास से बरामद कर लिया गया। पुलिस ने नाबालिग बालिका की काउंसिलिंग तथा विधिवत मेडिकल परीक्षण कराकर घटना के सम्बन्ध मे विवेचक द्बारा पूछताछ की गयी । मेडिकल परीक्षण के आधार पर नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म होने की पुष्टि हुई,जिसके आधार पर पुलिस ने पोक्सो एक्ट व दुष्कर्म की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी गयी। इस पर पुलिस ने फिर से सीसी कैमरों की जांच की तो घटना को अंजाम देने वाले व्यक्ति की पहचान होशियार सिंह निवासी रई धनौड़ा पिथौरागढ के रूप मे हुई। जिसे पुलिस ने बीती रात पुनेड़ी महर को जाने वाली रोड पर स्थित बैण्ड के पास से गिरफ्तार किया गया। आरोपी द्वारा स्वंय का घटना को अंजाम दिया जाना स्वीकार किया गया है। पुलिस पूछताछ यह जानकारी हुई कि आरोपी होशियार सिंह पूर्व मे वर्ष 2022 मे कोतवाली पिथौरागढ से ही कुकर्म व पोक्सो एक्ट में जेल जा चुका है। जिसमें आरोपी द्बारा एक 11 वर्ष के नाबालिग बालक के साथ कुकर्म की घटना को अजंाम दिया गया था।
June 26, 2026राज्य बनने के बाद पहली बार पांच मीट्रिक टन रेनबो ट्राउट मछली का निर्यात पिथौरागढ़ की तीन सहकारी समितियों ने किया था प्रोडक्शन आने वाले दिनों में 30 टन मछली सप्लाई करने की तैयारी देहरादून। राज्य निर्माण के बाद पहली बार उत्तराखंड की मछली इंटरनेशनल मार्केट में पहुंची हैं। पिथौरागढ़ जिले की तीन सहकारी समितियों ने राज्य सरकार के सहयोग से नेपाल को पांच मीट्रिक टन मछलियां सप्लाई की हैं। अच्छी खबर ये भी है कि उत्तराखंड आने वाले दिनों में करीब 30 टन मछलियों के निर्यात की तैयारी कर रहा है।राज्य सचिवालय के मीडिया सेंटर में आज मत्स्य विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा ने प्रेस कॉफ्रेंस में यह जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि पिथौरागढ़ के धारचूला एवं मुनस्यारी क्षेत्र की तीन मत्स्य जीवी सहकारी समितियों ने ये मछलियां तैयार की थीं। कोल्ड—चेन बनाए रखते हुए मछली को गुजरात के वेरावल भेजा गया, जहां प्रसंस्करण के बाद 23 जून 2026 को नेपाल के अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसका सफलतापूर्वक निर्यात किया गया। इससे 33 मत्स्य पालकों को लगभग 23.50 लाख रूपये की आय प्राप्त हुई है।कैबिनेेट मंत्री के अनुसार उत्तराखंड के इस पहले निर्यात को प्रोत्साहित करने हेतु मत्स्य विभाग ने हार्वेस्टिंग, पैकेजिंग एवं परिवहन के लिए 5.40 लाख रूपये की गैप फंडिंग सहायता प्रदान की। उन्होंने कहा कि दुबई में आयोजित गल्फ फूड एक्सपो के दौरान अंतरराष्ट्रीय खरीदारों एवं हितधारकों से स्थापित संपर्काे का यह सकारात्मक परिणाम है। विभाग अब यूरोप, मध्य—पूर्व तथा दक्षिण—पूर्व एशिया के अन्य बाजारों में भी निर्यात की संभावनाओं पर कार्य कर रहा है। इस क्रम में आने वाले दिनों में करीब 30 टन मछली का निर्यात विदेशों में किए जाने की तैयारी की जा रही है।मत्स्य पालन मंत्री सौरभ बहुगुणा के अनुसार मत्स्य पालकों को विपणन सहायता उपलब्ध कराने हेतु वर्ष 2024 में भारत—तिब्बत सीमा पुलिस के साथ एमओयू किया गया, जिसके अंतर्गत अब तक 2.10 करोड़ रूपये मूल्य की 45.10 मीट्रिक टन ट्राउट मछली की आपूर्ति की जा चुकी है। प्रेस कॉफ्रेंस में निदेशक मत्स्य चंद्र सिंह धर्मशक्तू भी उपस्थित रहे।