जाम सड़कों पर, चैकिंग गलियों में

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देहरादून। राजधानी दून की सड़कें जहंा यातायात अव्यवस्थाओं के चलते प्रभावित है वहंीं यातायात व्यवस्था सूचारू रखने व स्ट्रीट क्राइम को रोकने हेतू गठित की गयी सीपीयू सरकारी खजाना भरने के प्रयास में गलियों में चालान काटती दिखायी दे रही है। जिससे आम जनता के मन में भारी रोष है।
बता दें कि पूर्व डीजीपी बी.एस. सिद्धू द्वारा सीपीयू का गठन स्काटलैंड यार्ड पुलिस की तर्ज पर किया गया था। उन्होने बताया था कि सीपीयू रोड में रहते हुए यातायात व्यवस्था को सूचारू रखने में सहयोग करेगी इसके अतिरिक्त वह स्ट्रीट क्राइम व तेज रफ्तार अनियंत्रित वाहनों पर भी लगाम कसने में सहायक होगी। कुछ दिनों तक तो सीपीयू सड़कों पर वही काम करती रही और कई अपराधों को रोकने में भी सहायक रही लेकिन समय के साथ साथ सीपीयू का ढर्रा अब बदल चुका है। सीपीयू अब सिर्पQ सरकारी खजाने को भरने का ही काम कर रही है। सुबह सवेरे से वह मुख्य सड़कों की बजाय गलियों में उन वाहन चालकों का इंतजार करती है जिनके चालक कोई गलती करते दिखायी दे ताकि वह उनका चालान काट अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर सके।
ऐसा ही एक मामला आज सुबह प्रकाश में आया जब सीपीयू के जवान डालनवाला क्षेत्रांर्तगत मुख्य सड़क से हटकर ओल्ड सर्वे रोड की एक गली में दुपहिया वाहन चालकों का चालान काटने में व्यस्त दिखी। सोचनीय सवाल यह है कि क्या सीपीयू का गठन इसी उद्देश्य के लिए किया गया था? जबकि शहर की सड़कें यातायात अव्यवस्था के चलते बदहाल हो चुकी है, शहर में स्ट्रीट क्राइम बढ़ गया है, आये दिन तेज रफ्तार वाहनों के चलते कई लोग अपनी जान गंवा चुके है। पुलिस महकमें के आलाधिकारियों को एक बार फिर सोचना होगा कि क्या सीपीयू गठन का मुख्य उद्देश्य सिर्फ चालान काटना भर है?

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