चुनाव परिणाम से भाजपा व कांग्रेस दोनों ही हैरान

0
19

देहरादून। 7 नगर निगम, 39 नगर पालिका और 38 नगर पंचायतों के लिए हुए चुनाव की मतगणना के आज जैसे ही रूझान मिलने शुरू हुए तो भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों के नेताओं के चेहरे का रंग उड़ता दिखा। मतगणना से पहले अपनी अपनी बम्पर जीत का दावा कर रहे इन नेताओं ने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि जनता इतना अनूठा निर्णय भी ले सकती है। आम तौर पर यही माना जाता है कि जिसके जितने अधिक पार्षद या पंचायत सदस्य जीतते है अध्यक्ष भी उसी का जीतता है। लेकिन राजधानी दून के प्रारम्भिक चुनाव परिणामों ने जो संकेत दिये है वह यही बता रहे है कि इस बार महापौर किसी पार्टी का होगा लेकिन बोर्ड दूसरी पार्टी का। सुनील उनियाल गामा जो पहले ही दौर से अपने निकटतम प्रत्याशी दिनेश अग्रवाल पर बढ़त बनाये हुए है पार्षदों की दौड़ में पिछड़ते दिख रहे है।
पहले पहले सामने आये 16 वार्डो के नतीजों में कांग्रेस की 11 सीटें व भाजपा की मात्र 4 सीटों पर ही जीत मिलती दिखी जबकि एक सीट पर निर्देलीय प्रत्याशी की जीत हुई। कांगे्रस को दून में अपने मेयर प्रत्याशी दिनेश अग्रवाल के बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी वहीं हल्द्वानी सीट पर नेता विपक्ष इंंदिरा हृदयेश के पुत्र सुमित हृदयेश की सीट भी कांग्रेस की उम्मीद की सीट थी लेकिन सारी कोशिशों के बाद भी यंहा उसका प्रदर्शन आशानुरूप नहीं रहा है। ठीक वैसे ही भाजपा को हरिद्वार में भारी झटका लगा है।
निकाय चुनाव में भाजपा सबसे अधिक हैरान इस बात को लेकर है कि जहंा नगर निगमों व नगर पालिका तथा नगर पंचायत अध्यक्ष के पदों पर तो उसे आशातीत जीत मिलती दिख रही है लेकिन उसके पार्षद व नगर पंचायत सदस्यों के प्रत्याशियों को काफी कम संख्या में जीत मिल पा रही है। निर्दलीय प्रत्याशियों पर जनता द्वारा अधिक भरोसा जताया जाने से उसे हैरत मेें डाल दिया है।

LEAVE A REPLY