एसएससी सीजीएल की परीक्षा को रद्द कर नए सिरे से एग्जाम करवाना बेहतर: सुको

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने एसएससी सीजीएल २०१७ परीक्षा में अनियमितता मामले की सुनवाई के दौरान एक अहम टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि २०१७ की एसएससी सीजीएल की परीक्षा को रद्द कर नए सिरे से एग्जाम करवाना बेहतर है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मुद्दे पर केन्द्र सरकार से जवाब मांगा है।
इससे पहले की तारीखों में हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने स्स्ष्ट २०१७ की संयुक्त ग्रेजुएट लेवल (सीजीएल) और सीनियर सेकेंडरी लेवल परीक्षा के परिणाम घोषित करने पर रोक लगाई थी। कोर्ट ने कहा था- पहली नज़र में परीक्षा प्रक्रिया में कमियां नज़र आती हैं और हम गलत तरीके से परीक्षा में फायदा लेने वालों को नौकरी पाने की इजाज़त नहीं दे सकते हैं।
सुप्रीम कोर्ट के इस टिप्पणी के बाद अब छात्रों को सरकार के जवाब का इंतजार है। कोर्ट सरकार के जवाब आने के बाद इस मुद्दे पर अपना आखिरी फैसला सुना सकती है। सरकार के जवाब आने से पहले छात्रों के मन में तमाम तरह की दुविधाएं इस एग्जाम के भविष्य को लेकर बनी रहेगी। एसएससी सीजीएल २०१७ की परीक्षा में लाखों छात्रों बैठते हैं और इसमें लगभग १० हजार कैंडिडेट्स का हर साल सेलेक्शन होता है।
२०१७ की इस परीक्षा में धांधली की बात सामने आने के बाद हजारों छात्रों ने दिल्ली में कई दिनों तक प्रदर्शन किया था। इसके बाद सरकार ने मामले की सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। वकील प्रशांत भूषण छात्रों के मामले को सुप्रीम कोर्ट ले गए थे तभी से इस मामले की सुनवाई वहां हो रही है। नौकरी की उम्मीद में बैठे छात्रों का कहना है कि कोर्ट के जल्द इस मामले पर फैसला आने के बाद ही छात्रों के अंदर असमंजस की स्थिति खत्म होगी।

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