हाईकोर्ट ने दिये शासन को निर्देश

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किन्नराें को भी दिया जाए जन सुविधाओं का लाभ
देहरादून। नैनीताल हाईकोर्ट ने आज सरकार द्वारा दी जाने वाली जनसुविधाओं में किन्नर की उपेक्षा के मामले की सुनवाई करते हुए सूबे की सरकार को दिशा निर्देश दिए गये हैं कि किन्नरों को भी आम आदमी की तरह सभी जनसुविधाओं का लाभ दिया जाना चाहिए।
देहरादून की बहुचर्चित किन्नर रजनी रावत की एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए आज नैनीताल हाईकोर्ट द्वारा ये निर्देश दिये गये हैं कि वह किन्नरों को भी आम आदमी की तरह सरकारी योजनाओं का लाभ मिलना सुनिश्चित करे। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि जिस तरह आम आदमी को शहरी क्षेत्र में सार्वजनिक शौचालयों की व्यवस्था की गयी है उसी तरह किन्नरों के लिए भी अलग शौचालयों की सुविधा प्रदान की जाए तथा उन्हें भी छात्रवृत्ति तथा आवासीय योजनाओं का लाभ दिया जाए। अदालत ने निर्देशित किया है कि जिस तरह से आम आदमी के बच्चों को छात्रवृत्ति, पेंशन, सस्ते राशन और आवासीय योजनाओं के लाभ दिये जा रहे हैं वह किन्नरों को भी दिये जाने चाहिए। कोर्ट द्वारा अपने निर्णय में कहा गया है कि जेंडर के आधार पर किन्नरों के साथ किसी तरह का भेद नहीं किया जा सकता है। उन्हें भी आम आदमी की तरह जीने का अधिकार है इसलिए उन्हें भी सरकार द्वारा चलाई जाने वाली जनहित की योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए। अदालत ने उन्हें स्वास्थ्य सुविधाओं सहित अन्य योजनाओं का लाभ देने के साथ एक किन्नर वेलफेयर ट्रस्ट बनाये जाने पर सुझाव दिया है जो उन्हें मिलने वाली सुविधाओं की मॉनटरिंग कर सकेगें।
राजधानी दून की किन्नर रजनी रावत की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने साफ किया है कि उन्हें आम आदमी की तरह सभी जनसुविधाएं मिलनी चाहिए। सुनवाई के दौरान अदालत ने किन्नराें द्वारा बच्चों को जबरन ले जाने पर कडा विरोध जताते हुए कहा है कि इस पर शक्ति के साथ रोक लगानी जानी चाहिए और वह बिना मां बाप की सहमति के किसी भी बच्चे को अपने साथ नहीं ले जा सकते हैं।

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