महंगाई के मुद्दे पर हंगामा

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विधानसभा सत्र का पहला दिन
देहरादून। संभावनाओं के अनुरूप आज विधानसभा का सत्र आज हंगामे के साथ शुरू हुआ। सदन के अंदर और बाहर हुए हंगामे के कारण प्रश्नकाल भी बाधित हुआ वहीं पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष और विधायक किशोर उपाध्याय को विधानसभा में रोके जाने को लेकर जमकर बवाल हुआ।
आज सुबह 11 बजे सदन की कार्रवाई शुरू होते ही विपक्ष कांग्रेस द्वारा काम रोको प्रस्ताव लाकर महंगाई पर नियम 310 के तहत चर्चा कराये जाने की मांग उठाई गयी जिसे विधानसभा अध्यक्ष द्वारा नकार दिये जाने पर कांग्र्रेस विधायकों ने सदन में जमकर हंगामा किया। नेता विपक्ष इंदिरा हृद्येश का कहना था कि पेट्रोल, डीजल व रसोई गैस की जिस तरह हर रोज कीमतें बढ़ रही हैं उससे आम जनता परेशान है और जनहित से जुडे इस मुद्दे पर कांग्रेस प्रश्नकाल रोककर नियम 310 के तहत चर्चा कराये जाने की मांग कर रही है। उनकी इस मांग को विधानसभा अध्यक्ष ने खारिज कर दिया। उन्होनें कहा कि सरकार इस मुद्दे पर नियम 58 के तहत चर्चा कराने को तैयार है लेकिन कार्यस्थगन का प्रस्ताव स्वीकार नहीं है। लम्बे समय तक चले हंगामें के बाद प्रश्नकाल शुरू हो सका। कांग्रेस द्वारा पहले ही यह रणनीति बना ली गई थी कि वह आज महंगाई, आपदा प्रबंधन और चार नये जिलों के सृजन के मुद्दों पर चर्चा की मांग करेगी।
हंगामा रूकने के बाद शुरू हुए प्रश्नकाल में आज पहले दिन पर्यटन, परिवहन और सिंचाई विभाग से जुडे बीस सवाल लिये गये जिनमें विपक्ष के निशाने पर पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज और यशपाल आर्य रहे। कांग्रेेस विधायक फुरकान अहमद ने पर्यटन मंत्री से पूछा कि क्या वह पिरान कलियर को पांचवां धाम घोषित करेगें तो सतपाल महाराज ने इसका जवाब देते हुए कहा कि नहीं । उन्होंने कहा कि यदि इस्लामिक धर्मगुरू पिरान कलियर को पांचवां धाम घोषित करना चाहते हैं तो करें। वहीं पर्यटन से जुडे कई सवालों पर यशपाल आर्य घिरे हुए नजर आये। राज्य में हो रही सड़क दुर्घटनाओं पर वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके तो संसदीय कार्यमंत्री ने मोर्चा संभाला। सत्ता पक्ष के विधायकों द्वारा भी कई प्रश्न रखे गये। भाजपा विधायक रितु खण्डूरी ने वीर चंद्र सिंह गढ़वाली योजनाओं से जुडे कई सवाल उठाते हुए इन योजनाओं के लिए दिये जाने वाले लोन की प्रक्रिया को जटिल बताते हुए उसके सरलीकरण की मांग की।

अटल को किये श्रद्वासुमन अर्पित

देहरादून। विधानसभा सत्र के पहले दिन आज जहां सदन में अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर शोक व्यक्त किया गया वहीं सभी दलों के विधायकों और नेताओं ने उनकी तस्वीर पर श्रद्वासुमन चढ़ाकर अपनी श्रद्वांजलि अर्पित की। सदन में शोक प्रस्ताव पढ़ा गया तथा एक मिनट का मौन रखकर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्वांजलि अर्पित की गयी वहीं गैलरी में उनकी एक तस्वीर लगाकर सभी विधायकों और नेताओं ने सदन में जाने से पहले उन्हें श्रद्वासुमन अर्पित किये।

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