जब आंगनबाड़ी वर्कर ने पीएम को सुनाई बच्चे को जिंदा करने की कहानी!

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नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को देश की आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से बात की। । इस दौरान उन्होंने आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की तारीफ की है। पीएम ने कहा कि सरकार पोषण और स्वास्थ्य की गुणवत्ता जैसे मुद्दों पर ध्यान देगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि २०१४ के बाद से हमने एक नई रणनीति के तहत आगे बढ़ने का ठाना, इसके बाद हमें सफलता मिली। आज आशा वर्करों की वजह से मिशन इंद्रधनुष ज़मीन तक पहुंच रहा है। इस दौरान पीएम मोदी के साथ कई आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपने काम के अनुभव शेयर किए।
झारखंड के आंगनवाड़ी कार्यकर्ता मनिता ने पीएम को बताया कि कैसे प्रसव के दौरान आपातकालीन सेवा प्रदान कर मां और बच्चे की जान बचाई। जिसे सुनकर पीएम मोदी हैरान रह गए। झारखंड के सरायकेला के उर्माल की रहनेवाली आंगनवाड़ी वर्कर मनीता देवी ने पीएम मोदी के साथ अपने एक बेहद ही मार्मिक अनुभव के शेयर किया। मनीता ने बताया कि वह उर्माल इलाके में रहने वाली मनीषा देवी गर्भवती थी। प्रसव से पहले वह लगातार उनकी जांच कर रही थी। प्रसव से पहले उन्होंने मनीषा की जांच की थी , जिसमें सब कुछ सामान्य था। २७ जुलाई २०१८ को रात दो बजे मनीषा के प्रसव पीड़ा हुई। महिला के घरवालों ने मनीता को इसकी जानकारी दी। जब तक मनीता मनीषा के घर पहुंचती तबतक उनका प्रसव हो चुका था। प्रसव के बाद बच्चा रो नहीं रहा था। घरवाले को लगा कि बच्चा मरा हुआ पैदा हुआ है। जब वह मनीषा के घर पहुंची तो घरवालों ने बताया कि, प्रसव हो गया है लेकिन बच्चा मरा हुआ पैदा हुआ है। मनीषा ने बच्चा को देखने की बाद की तो मनीषा के घरवाले ने कहा कि तुम बच्चा देखकर क्या करोगी। लेकिन मनीता ने बच्चा देखने की जिद की तो मनीषा के घर वाले उसे बच्चा दिखाने के लिए मान गए। मनीषा के घरवालों ने उसे बच्चा दे दिया।
मनीता ने जब बच्चे को गोद में लिया और उसकी धड़कन चेक की। वह दंग रह गई बच्चे की दिल धड़क रहा था। तब मनीता ने जल्दी से एक पाइप की मदद से बच्चे के नाक और मुंह से पानी निकाला और इसके तुरंत बाद बच्चा रोने लगा। मनीता ने बच्चे की मां को उसे अपना दूध पिलाने को कहा। इसके बाद नवजात और मां को अस्पताल ले जाया गया। इस तरह मनीता ने एक बच्चे और उसकी मां की जान बचाई। इस घटना को सुनने के बाद पीएम मोदी ने हैरान रह गए उन्होंने मनीता की जमकर तारीफ की।
पीएम मोदी ने इस घटना को सुनने के बाद कहा, श्हर देशवासी इस बात को सुन रहा है। कोई कल्पना कर सकता है कि आदिवासी इलाके में पैदा हुई मनीता ने अपनी सामान्य बुद्धि से बच्चे को बचा लिया। जो हिम्मत डॉक्टर दिखाते हैं, वह हिम्मत मनीता ने दिखाई। मनीता ने जीवन को बचाने का काम किया है।
पीएम मोदी ने कहा कि, मैं देश के उन हजारों-लाखों डॉक्टरों का भी आभार व्यक्त करना चाहूंगा, जो बिना कोई फीस लिए, गर्भवती महिलाओं की जांच कर रहे हैं। देश में काफी संख्या में लोग एनीमिया के शिकार हैं। ये बीमारी आयोडीन और आयरन जैसे तत्वों की कमी से होती है। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में आयोडीन युक्त नमक का उपयोग बढ़ा है। रक्षाबंध के रक्षा सूत्र से आप बच्चों को कुपोषण से बाहर लाने के काम से जनता को जोड़ रहे हैं। आपके इस प्रयास को मैं नमन करता हूं।

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