तो अब होंगी दून की व्यवस्थाएं चकाचक 

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इनवेस्टर्स समिट को लेकर सीएम ने ली अधिकारियों की बैठक
देहरादून। आगामी सात आठ अक्टूबर को देहरादून में आयोजित होने वाली इनवेस्टर्स समिट को लेकर शासन प्रशासन किसी भी तरह की कोर कसर नहीं छोड़ना चाहता है। निवेशकों को राज्य मेें चाक चौबंद व्यवस्थाएं दिखाईं दे इसे लेकर सरकार और अधिकारी एडी चोटी प्रयास कर रहे हैं। राजधानी की सड़कें बिजली, पानी और सफाई व्यवस्था को हर हाल में इस महीेने के अंत तक दुरूस्त करने की तैयारी जोर शोर से चल रही है।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा इनवेस्टर्स समिट को लेकर बुलाई गयी अधिकारियों की बैठक में तैयारियों का जायजा लेते हुए व्यवस्थाओं को चाक चौबंद बनाने के निर्देश दिये गये हैेंं। दरअसल राज्य में पहली बार हो रहे इस तरह के आयोजन को सफल बनाने के लिए सरकार के सामने बडी चुनौती है। खास बात यह है कि इस समिट का उदघाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया जाना है इसलिए भी शासन और प्रशासन ज्यादा मुस्तैद दिखाई दे रहा है। प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान की झलक इस कार्यक्रम में देखने को मिले यह शासन और प्रशासन के लिए बडी चुनौती है। बारिश और अतिक्रमण हटाओ अभियान के कारण टूटी फूटी पडी सड़क व नालियों को महज 20-25 दिन के अंदर चकाचक बनाया जाना बहुत आसान काम नहीं है इसके लिए दिन रात एक करना पडेगा। वहीं राजधानी की सफाई व्यवस्था भी इन दिनों चौपट पडी है जिसे सुचारू बनाये जाने की जरूरत है। इसके लिए नगर निगम द्वारा कूडा उठान की नयी योजना लागू की जा रही है वहीं पीडलब्यूडी को सड़कों की मरम्मत बजट जारी किया जा चुका है।
यहां यह उल्लेखनीय है कि इस समिट को सफल बनाने के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत बैंकाक और सिंगापुर की यात्र कर चुके हैं तथा देश के कई महानगरों में पैदल मार्च कर चुके हैं। उन्हें उम्मीद है कि इस समिट के जरिए 40-45 हजार करोड के निवेश प्रस्ताव राज्य को मिलेगें। इस समिट में अंबानी, टाटा और बिरला जैसे बडे औद्योगिक घरानों के शिरकत करने की संभावना है वहीं विदेशी निवेशकों के आने की उम्मीद भी है। इन निवेशकों के रहने खाने से लेकर राजधानी के सभी व्यवस्थाएं चुस्त दुरूस्त हों और उन्हें सब कुछ अनुकूल दिखाई दे यह बहुत जरूरी है। यही कारण है कि सरकार योजनाओं के साथ साथ व्यवस्थाओं की तैयारियों का भी खाका तैयार करने में जुटी हुई है।

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