महंगाई से बढ़ी भाजपा की बेचैनी

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महंगाई पर सियासी महाभारत जारी
2019 में बनेगा महंगाई अहम मुद्दा
देहरादून। बीते कल कांग्रेस द्वारा पेट्रोल डीजल और रसोई गैस के मुद्दे पर किया गया भारत बन्द सफल रहा या असफल यह अलग बात है लेकिन विपक्षी दलों की महंगाई के मुद्दे पर घेराबंदी और बढ़ती कीमतों को रोक पाने में लाचार दिख रही भाजपा की आंतरिक बेचैनी अब साफ नजर आने लगी है। 2019 के चुनाव में बढ़ती महंगाई का मुद्दा भाजपा के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है।
भले ही भाजपा के नेताओं द्वारा तेल कीमतों पर सरकार का नियंत्रण न होने की और टैक्स कटौती में असमर्थता जताई जा रही है लेकिन विपक्ष और आम जनता सरकार और भाजपा के नेताओं के इन तर्कों से सहमत नहीं है। उनका साफ कहना है कि विपक्ष में रहते हुए भाजपा इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को जिम्मेवार ठहराती रही है लेकिन जब वह खुद सत्ता में है तो वह इस पर चुप्पी साधे हुए है। भाजपा नेताओं द्वारा दिये जा रहे तर्काें को खारिज करते हुए आम लोग भी अपनी परेशानी के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेवार ठहरा रहे हैं। खास बात यह है कि अपनी नाकामी पर पर्दा डालने वाले भाजपा नेता भी इस बात को महसूस कर रहे हैं कि पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में हो रही वृद्वि को लेकर जनता में भारी नाराजगी है और आने वाले चुनाव में भाजपा को इसका भारी नुकसान उठाना पड सकता है लेकिन इसके बावजूद भी भाजपा इस महंगाई को रोकने का कोई उपाय नहीं ढूंढ पा रही है।
केेंद्र सरकार को पता है कि यदि उसने उत्पाद शुल्क घटाया अथवा पेट्रोलियम पदार्थों को जीएसटी के दायरे में लाया तो उसका बजट घाटा अर्थव्यवस्था को ले डूबेगा और यदि डीजल पेट्रोल की कीमतें इसी गति से बढ़ती रही तो महंगाई इसे 2019 में ले डूबेगी। भाजपा के नीतिकार अब इस समस्या का समाधान खोजने में जुट गये हैं। उधर भारत बन्द के आयोजन से विपक्ष को भी यह समझ आ गया है कि बढ़ती महंगाई का यह मुद्दा 2019 के चुनाव में सबसे ज्यादा कारगर हथियार का काम करेगा। तेल कम्पनियों द्वारा बीते कल भारत बन्द के दौरान भी पेट्रोल डीजल की कीमतें बढ़ाई गयी थी और आज भी यह क्रम जारी रहा है। अब पेट्रोल 81 व डीजल 73 रूपये प्रति लीटर तक पहुंच चुका है जबकि देश के कुछ हिस्सों में तो पेट्रोल 88 व 90 के पास जा चुका है। अगर यही हाल रहा तो बहुत जल्दी यह कीमतें 100 और 90 के आसपास पहुुंच जाएंगी। ऐसी स्थिति में 2019 की चुनावी जंग जीतना भाजपा के लिए आसान नहीं होगा।

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