उपनल के ढांचे में बदलाव की मांग

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हमारे संवाददाता
देहरादून। उपनल की स्थापना सैनिकों के हितों को ध्यान में रख कर की गयी थी। सेवानिवृत्त होने के बाद उनको पुनः रोजगार देने हेतू इसकी स्थापना की गयी थी। लेकिन उपनल द्वारा पूर्व सैनिकों को माली से भी नीचे का दर्जा दिया जा रहा है। जो सैनिकों के साथ ही भारतीय सेना का अपमान है।
यह बात आज पूर्व सैनिक वेल्फेयर एसोसिएशन महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्षा राजकुमारी थापा ने पत्रकार वार्ता के दौरान कही। उन्होने कहा कि उपनल में शीर्ष अधिकारी सारे पूर्व सैनिक अधिकारी है जो अधिकारी वर्ग से नीचे के पूर्व सैनिकों से भेदभाव करते है यही कारण है कि सैन्य अधिकारी इस प्रकरण में कोई पहल नहीं करते है। उन्होने कहा कि उपनल में नौकरी देने की कोई प्रणाली नहीं है मात्र मोनोपोली है। उन्होने कहा कि दूर दराज से आये सैनिकों को नौकरी नहीं दी जाती है क्यों की नौकरी के पात्र तो पहले ही पिछले दरवाजे से फिट हो जाते है। उन्होने कहा कि उपनल के सारे अधिकारी दस वर्ष से भी पुराने है। उन्होने सरकार से मांग की है कि उपनल के ढांचे में बदलाव होना चाहिए। सैन्य अधिकारियों की मोनोपोली समाप्त की जानी चाहिये। उन्होने कहा कि बोर्ड आफ डायरेक्टर में नीचे के सैनिकों को भी मनोनित किया जाना चाहिए। इस अवसर पर कमला गुरूंग, ममता थापा, माधुरी राई, रेखा थापा, बीना बिष्ट सहित कई लोग शामिल रहे।

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