लघु व्यापारियों ने निगम प्रशासन पर लगाया उत्पीडऩ का आरोप

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हरिद्वार। अतिक्रमण हटाओ अभियान की चपेट में आए लघु व्यापारियों ने बैठक कर निगम प्रशासन पर उत्पीडऩ व शोषण का आरोप लगाते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। बैठक में लघु व्यापारियों ने आरोप लगाया कि उनके हित के लिए बने फेरी नीति नियमावली कानून का लाभ देने की बजाए उनके साथ अन्याय किया जा रहा है। शहरी विकास मंत्री भी नगर निगम प्रशासन को फेरी नीति नियमावली क्रियान्वित करने के आदेश दे चुके हैं। निगम प्रशासन ने सभी लघु व्यापारियों संगठनों के साथ बैठक कर शहर में 15 वेंडिग जोन बनाए जाने पर सहमति व्यक्त की थी। इसके बावजूद भी निगम द्वारा चिन्हित वेंडिग जोन में रेहड़ी पटरी लगाकर अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे लघु व्यापारियेां को अतिक्रमण के नाम पर उजाड़ा जा रहा है। उनके संसाधनों को भी नष्ट किया जा रहा है। खुलेआम फेरी नीति नियमावली कानून की अवमानना की जा रही है। जिसके खिलाफ लघु व्यापारी आंदोलन की राह अपनाने को मजबूर हो रहे हैं। बैठक को संबोधित करते हुए लघु व्यापार एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष संजय चोपड़ा ने कहा कि नगर निगम को अतिक्रमण के नाम पर उजाडऩे से पहले लघु व्यापारियों को फेरी नीति का लाभ देना चाहिए था। लघु व्यापारियों के साथ बैठकों में चिन्हित किए गए स्थानों पर वेंडिग जोन का निर्माण कर उनमें लघु व्यापारियों को विस्थापित करना चाहिए था। लेकिन ऐसा नहीं किया गया। उन्होंने मांग की कि जल्द से जल्द फेरी नीति लागू कर लघु व्यापारियों को इसका लाभ दिया जाए। जिला अध्यक्ष भूपेंद्र राजपूत ने कहा कि लंबे समय से फेरी नीति लागू करने की मांग कर रहे लघु व्यापारियों को प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद उम्मीद बंधी थी कि वे अब बिना किसी भय के राज्य सरकार के संरक्षण में अपना रोजगार कर सकेंगे। लेकिन निगम प्रशासन ने जिस प्रकार फेरी नीति नियमावली को दरकिनार कर लघु व्यापारियों का उत्पीडऩ किया व बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। बैठक में सुमन गुप्ता, आशा देवी, पुष्पा दास, सुमित्रा, पूनम, मोहनलाल, बालकृष्ण कश्यप, मनोज कुमार, विक्की गुप्ता, जयभगवान, खुशीराम, रोहित सेठी, असीम जोशी, वीरेंद्र कुमार, अशोक शर्मा, रंजीत रावत, जय सिंह बिष्ट, मनीराम जखमोला, ब्रिजेश सिंह, कपूरवान आदि प्रमख रूप से शामिल रहे। (आरएनएस)

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