इनवेर्स्टस मीट पर सियासी घमासान

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सीएम को विदेश घूमने का मौका तो मिलाः हृदयेश
सीएम विदेश मौज मस्ती करने नहीं गयेः पन्त
देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत और उनकी सरकार इन दिनों प्रदेश में आगामी माह होने वाली इनवेस्टर्स मीट की तैयारियों में जुटे हैं। वह न सिर्फ देश के महानगरों में घूम घूम कर निवेशकों को उत्तराखण्ड आने का न्यौता दे रहे हैं बल्कि वह विदेशों में रह रहे भारतीयों और विदेशी निवेशकों को भी उत्तराखण्ड आने और यहां निवेश करने के लिए प्रेरित करने में जुटे हुए हैं। लेकिन उनके इस प्रयास पर विपक्ष कांग्रेस सहित अन्य दलों के नेता सवाल खडे कर रहे हैं जिसे लेकर सूबे में सियासी घमासान शुरू हो गया है।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह की सिंगापुर यात्र को लेकर विपक्ष द्वारा कई सवाल उठाये जा रहे हैं। नेता विपक्ष इंदिरा हृदयेश का कहना है कि राज्य मानसूनी आपदा से बेहाल है सडकेें ध्वस्त पडी हैं आवागमन ठप है और भूस्खलन से लोग परेशान हैं ऐसे में मुख्यमंत्री निवेशकों को राज्य में बुलाकर क्या दिखाना चाहते हैं। उन्होनें इनवेस्टर्स मीट के समय पर सवाल खडे करते हुए कहा है कि यह इसके लिए सही वक्त नहीं है। उनका कहना है कि इनवेस्टर्स मीट के बहाने ही सही मुख्यमंत्री को विदेश घूमने का मौका तो मिला। उन्होनें कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आधी दुनिया घूम चुके हैं अब भाजपाई मुख्यमंत्रियों को भी तो थोडा बहुत घूमने का मौका मिलना चाहिए।उन्होनें कहा कि मानसूनी आपदा के कारण प्रदेश के लोग परेशान हैैं। सडक, बिजली, स्वास्थय और पेयजल की व्यवस्थाएं चरमरा गयी हैं। अच्छा होता कि मुख्यमंत्री पहले सूबे की इन व्यवस्थाइों को दुरूस्त करते। उन्होनें भाजपा सरकार के सवा डेढ़ साल के कार्यकाल में कोई काम न होने की बात कहते हुए कहा कि अगर सरकार ने एक सडक भी बनाई हो तो वह बताएं। सरकार ने सही मायने में अब तक तो कुछ किया ही नहीं।
उधर विपक्ष के द्वारा उठाये जा रहे सवालों पर संसदीय कार्यमंत्री प्रकाश पन्त का कहना है कि कांग्रेस को विरोध करना है इसलिए वह हर मुद्दे का विरोध करने में लगी हुई है। उन्होनें कहा कि मुख्यमंत्री विदेश सिर्फ घूमने या मौज मस्ती करने नहीं गये हैं इनवेस्टर्स मीट के जरिए यदि सरकार सूबे में निवेश बढ़ाने या पर्यटन और उद्योगों को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है तो इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।

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