कान में इंफेक्शन, आयुर्वेद को आजमाएं

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बहुत से लोगों के लिए कान का दर्द आम बात हो सकती है, लेकिन कई बार यह दर्द गंभीर रूप ले लेता है. कान में इंफेक्शन का समस्या से कई लोग परेशान रहते हैं. मॉनसून में ही नहीं उन्हें ये परेशानी हर मौसम में सताती है. कान में पानी भर जाना, वेक्स जम जाना, बंद हो जाना या तेज दर्द होना, इंफेक्शन के कारण हो सकता है. अगर आप भी इस समस्या से परेशान हैं तो दवाइयों के साथ कुछ आयुर्वेदिक नुस्खे आपकी मदद कर सकते हैं.
प्याज और अदरक- प्याज को पीसें और एक पतले साफ कपड़े में कस कर पोटली बना लें. पोटली को कान पर रखें और करवट लेकर लेट जाएं. आप अदरक के साथ भी ऐसा कर सकते हैं, प्रभाव एक ही जैसे होंगे.
नीम- नीम के पत्तों का रस 2-3 बूंद या नीम का तेल 2-3 बूंद भी कान में डाल सकते हैं. इससे कान दर्द में आराम मिलता है. नीम की पत्तियों को पानी में डालकर नहाने से संक्रमण से बचाव होता है.
लहसुन- इसमें एंटीबायोटिक और एंटीसेप्टिक गुण होते हैं जो दर्द और इंफेक्शन को दूर करते हैं. सरसों के तेल में लहसुन को गर्म करें. ठंडा होने पर कानों में 2-3 बूंद डालें.
ऑलिव ऑयल- ऑलिव ऑयल को हल्का गर्म कर लें और इसकी 3 -4 बूंदें उस कान के छेद में डालें जिसमे दर्द हो रहा हो. लगभग आधे घंटे तक इसे अवशोषित होने दें और इसके बाद आप लेट जाएँ ताकि यह बहकर बाहर आ जाए. तुलसी का रस- तुलसी के पत्तों को पीसकर इसका रस कानों में डालें. ऐसा दिन में 2-3 बार करने से कान का दर्द और संक्रमण दोनों दूर होता है.(आरएनएस)

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