नागिन और मक्खी जैसे शोज से मैं खुश नहीं: स्मिता बंसल

0
6

मशहूर टेलिविजन अभिनेत्री स्मिता बंसल इन दिनों स्टार प्लस के शो नजर में एक अहम किरदार निभा रही हैं। स्मिता ने हमसे टीवी इंडस्ट्री और अपनी पर्सनल लाइफ पर ढेर सारी बातें कीं।
नजर सीरियल एक डायन की कहानी है। आप ऐसी भूत-प्रेत वाली चीजों पर कितना भरोसा करती हैं?
मैं भूत-प्रेत जैसी बातों पर भरोसा नहीं करती हूं। लेकिन मुझे ये सभी कहानियां काफी दिलचस्प लगती हैं। सुनने में बेहद रोचक और मजेदार लगती हैं। इस तरह की कहानियों को देखने और सुनने में बड़ा मजा आता है। सुपरनैचरल पावर एक ऐसा जॉनर है, जो काफी रोमांचक होता है। ऐसी चीजों के बारे में हमें कुछ मालूम नहीं होता है, पर फिर भी हम ऐसी कहानियों को देखना और सुनना पसंद करते हैं। ड्रामा तो हमारी जिंदगियों से जुड़ा हुआ होता है, पर सुपरनैचरल कहानियां बेहद अलग और मजेदार होती है। एक दर्शक के तौर पर मुझे ऐसी फिल्में देखना अच्छा लगता है।
कहानियों को लेकर टेलिविजन के बदलते दौर के बारे में आपका क्या कहना है?
कहानियों का अपना दौर होता है। पहले के समय में हॉरर सीरियल के नाम पर आहट, श्श्श कोई है… ऐसे ही शो बना करते थे। मैंने दोनों ही शोज में काम किया है। श्श्श कोई है… तो मेरे लिए काफी यादगार है, क्योंकि अंकुश और मैंने उसी दौरान एक दूसरे को डेट करना शुरू किया था। उसके बाद हमने शादी कर ली। उस समय में एपिसोडिक हॉरर शो बनाए जाते थे। तब हॉरर शो रेग्युलर नहीं होते थे, इसलिए किसी को ज्यादा याद नहीं रहते थे।
डायरेक्टर पति होने का कितना फायदा होता है। साथ ही उनका कितना सपोर्ट मिलता है?
अंकुश डायरेक्टर हैं, तो हमारी मुलाकात काम के जरिए हुई थी। उनको मेरे काम करने का तरीका मालूम है। वे मेरे शोज को एक पति नहीं, डायरेक्टर के नजरिए से देखते हैं। जब नजर में उन्होंने मेरा काम देखा, तो मुझे काफी कुछ समझाया। इतने साल में आज तक उन्होंने मेरी ऐक्टिंग या खूबसूरती की तारीफ नहीं की है, पर उनका सपोर्ट काफी मिला।
बालिका वधु में 7 साल के अनुभव को कैसे बयां करेंगी?
बालिका वधु मेरा सबसे अच्छा और लंबा सफर था। उस शो से मैंने काफी कुछ सीखा है। एक समय ऐसा था, जब यह शो ही मेरी जिंदगी बन गया था। मेरे किरदार सुमित्रा के अलावा मुझे कुछ सूझता ही नहीं था।
सीनियर कलाकार टेलिविजन पर चल रहे नागिन-मक्खी जैसे शोज से खुश नहीं हैं? ऐसे में एक सीनियर कलाकर के तौर पर आप क्या सोचती है?
नागिन या मक्खी जैसे शो इसलिए बनाए जाते हैं, क्योंकि लोग उन्हें देखना चाहते हैं। शो की टीआरपी से पता चलता है कि लोग उसे कितना पसंद करते है। मेरा ये कहना है कि टेलिविजन ने संदेश देने का बीड़ा नहीं उठाया है। टेलिविजन का काम मनोरंजन करना है। मैं ऐक्टर हूं और ऐक्टिंग करती हूं। जिस तरह के शो बन रहे है या दर्शक देखना चाहते हैं, मैं उनमें एक ऐक्टर के तौर पर काम कर रही हूं। लेिकन एक कलाकार के तौर पर मैं चाहती हूं कि लोगों को मेरे सीरियल के जरिए अच्छी सीख मिले। जरूरी नहीं कि सारे शो सामाजिक समस्याओं पर आधारित हों। मैं नजर में काम करने के लिए इसलिए तैयार हुई, क्योंकि मुझे दर्शक के तौर पर हॉरर जॉनर पसंद हैं। हॉरर चीजों से मैंने कुछ सीखा नहीं है, पर मुझे देखना अच्छा लगता था। (आरएनएस)

LEAVE A REPLY