एक तो चोरी, ऊपर से सीनाजोरी

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शराब व्यवसायी का कमाल

बकाया देने के बजाय अधिकारियों को दिखा रहे हैं आंखें
आबकारी विभाग ने किया ठेका कैंसलेशन का नोटिस जारी
देहरादून। सोशल मीडिया पर ऊल जुलुल खबरें पोस्ट किये जाने को लेकर अभी बीते दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चिंता जताते हुए इनकी रोकथाम की जरूरत बताई थी। उत्तराखण्ड में भी बीते समय में सोशल मीडिया पर फैक खबरों के कई मामले सुर्खियों में आ चुके हैं। रानीपोखरी स्थित देशी शराब के ठेके से संबंधित सोशल मीडिया पर जारी खबर इसका ताजा उदाहरण है जिसके बारे में आबकारी अधिकारी का कहना है कि यह खबर सत्य से परे है। ठेके पर सरकार का जुलाई और अगस्त का करीब 1 करोड़ 74 लाख रूपये बकाया है जिसे अदा नहीं किया जा रहा है और न ही विभागीय नोटिसों का कोई जवाब दिया जा रहा है।
आबकारी अधिकारी मनोज उपाध्याय का कहना है कि ठेका धारकों द्वारा खुद सरकारी राजस्व की लूट की जा रही है और आरोप उनके उपर लगाये जा रहे हैं । उन्हाेंनें बताया कि यह शराब ठेका अनुज्ञापी शिखा अग्रवाल के नाम है जिस पर जुलाई माह का 70 लाख और अगस्त माह का 87 लाख रूपया देनदारी बकाया है। विभाग द्वारा अनुुज्ञापी को बार बार नोटिस भेजे जाने के बाद भी न तो नोटिस का जवाब दिया जा रहा है और न बकाया पैसा जमा किया जा रहा है। उन्होनेंं बताया कि सितंबर माह बीतने पर यह रकम ढ़ाई करोड़ से उपर हो जाएगी।
उन्होंनें बकाया वसूली के लिए आबकारी इंस्पेक्टर से रोज की बिक्री जमा करने के लिए कहा था। ठेके से जितना पैसा भी एक्साइज इंस्पेक्टर के माध्यम से आया है वह सब सरकारी खजाने में शिकायत कर्ता की रिपोर्ट दर्ज कराने से पहले ही जमा किया हुआ है। उन्होनें कहा कि आबकारी विभाग की जिम्मेवारी है कि वह सरकार को राजस्व क्षति न होने दे। उनका कहना है कि वह इस मामले को खुद जिला मजिस्ट्रेट के संज्ञान में लाने जा रहे हैं। साथ ही उन्होनें बताया कि अनुज्ञापी द्वारा किसी भी नोटिस का जवाब न देने और बकाया पैसा भी जमा न करने की स्थिति में अनुज्ञापी को ठेका कैंसलेशन के बारे में भी नोटिस जारी किया जा चुका है जिससे ठेके की किसी अन्य के नाम पर नीलामी हो सके । उनका कहना है कि उनके ऊपर जो भ्रष्टाचार के आरोप लगाये जा रहे हैं वह निराधार हैं। इस बाबत शिकायत कर्ता से जब फोन पर संपर्क किया गया तो उन्होनें व्यस्त होने का हवाला देकर बाद में बात करने की बात कही है।

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