मृत बेटे को ऑटो में लेकर इंदौर से उज्जैन महाकाल के दरबार पहुंची एक मां!

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उज्जैन। बेटा मर गया, लेकिन मां मानने को तैयार नहीं। मृत बेटे को ऑटो में लादकर इंदौर से उज्जैन पहुंच गई। रामघाट के समीप सिद्ध आश्रम के पास शिप्रा किनारे शव लेकर बैठने की जिद करने लगी। इस भरोसे में कि महाकाल जिंदा कर देंगे। ऑटो चालक ने होमगार्ड जवान को इसकी जानकारी दी।
महाकाल पुलिस मौके पर पहुंची और शव को जिला अस्पताल के पोस्टमार्टम कक्ष में रखवाया। एसआई प्रमोद पाटील ने के मुताबिक महिला ने अपना नाम रीता पति सुधीर त्रिपाठी निवासी जिंसी हाट मैदान बताया है। उसका कहना है कि मृतक उसका बेटा अमित त्रिपाठी है। महिला के मुताबिक उसके पहले पति सुधीर की मृत्यु हो चुकी है। वह रिंकू नामक व्यक्ति के साथ जिंसी हाट मैदान क्षेत्र में ही रहती है। रिंकू बेटे अमित को साथ नहीं रहने देता था। अमित जिंसी हाट मैदान क्षेत्र में ही उससे अलग किराए के मकान में रहता था। सोमवार दोपहर करीब १ बजे अमित के पड़ोसियों ने बताया कि वह रविवार से दरवाजा नहीं खोल रहा है। इस पर वह उसके कमरे पहुंची तो देखा कि अमित फर्श पर औंधा लेटा हुआ था।
जिंसी हाट मैदान स्थित ऑटो स्टैंड से उसने ऑटो चालक शहजाद पिता तफजुल हुसैन से बेटे को बीमार होना बताकर उसे उज्जैन ले जाने की बात कही। शहजाद ने एक हजार रुपए किराया बताया। वह राजी हो गई। शव लेकर वह दोपहर करीब तीन बजे इंदौर से उज्जैन आई। यहां रामघाट के समीप सिद्ध आश्रम के पास आ गई। शव लेकर काफी देर तक ऑटो चालक से जिद करती रही कि उसे यहीं शिप्रा किनारे बैठना है। शहजाद ने होमगार्ड जवान को इसकी जानकारी दी। इस पर महाकाल पुलिस मौके पर पहुंची। शव को जिला अस्पताल के पीएम रूम में पहुंया।
पुलिस ने शव को जब ऑटो से निकालने का प्रयास किया तो महिला काफी विलाप करने लगी। उसका कहना था कि पुत्र बीमार है। वह उसे लेकर उज्जैन महाकाल के भरोसे आई है। इंदौर में उसका दूसरा पति बच्चों से मिलने नहीं देता है। वह कभी लौटकर इंदौर नहीं जाएगी।
जिला अस्पताल पहुंचे एफएसएल अधिकारी अरविंद नायक का कहना है कि युवक की मौत हुए २४ घंटे से अधिक का समय हो चुका है। इस कारण उसके शव से बदबू आ रही है। मृतक की मां ने उन्हें बताया कि शनिवार रात को उसका पुत्र शराब पीकर आया था। इसके बाद से ही वह कमरे का दरवाजा बंद करके पड़ा हुआ था। आशंका है कि बीमारी अथवा कुछ जहरीला पदार्थ खाने के कारण युवक की मौत हुई है। रामघाट पर नाव चलाने वाले एक व्यक्ति ने पुलिस को बताया कि महिला व उसका पति आए दिन उज्जैन आते रहते हैं। यहां सिद्ध आश्रम घाट पर ही वह घंटों बैठे रहते हैं। कई बार दोनों को घाट पर बैठे हुए देखा है।

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