स्मार्टफ़ोन के मायाजाल में फंसी जिंदगी!

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लंदन । स्मार्टफोन, अब ये सिर्फ एक डिवाइस भर नहीं रह गया है बल्कि हमारी सबसे बड़ी जरुरत बन चुका है। लेकिन जैसे हर चीज में कोई खासियत या खामी होती है वैसे ही हमारा स्मार्टफोन हमें जिंदगी के कई स्वाद से महरूम रख रहा है, जैसे कहीं बाहर गए हैं तो घूमना भूलकर हम सबसे पहले वहां की फोटो सोशल मीडिया पर डालते हैं। खाना खाने बैठते हैं तो दोस्तों को फोटो भेजने के चक्कर में खाने का स्वाद भी ठीक से नहीं ले पाते हैं। इतना ही नहीं स्मार्टफोन हमारे इमोशनल व्यवहार को भी नुकसान पहुंचा रहा है। ये बातें एक सर्वे में सामने आई हैं।
टोरंटो में होटल में खाना खाते 300 लोगों पर ये सर्वे किया गया। एक हफ्ते तक एक व्यक्ति से दिन में 5 बार सर्वे किया गया। जिसमें लोगों ने माना कि स्मार्टफोन के बिना जीना मुश्किल है। सर्वे के मुताबिक लोग फेस टू फेस बात करने से ज्यादा फोन पर बात करते हैं। सोशल एक्टिव लोगों को सीधे बात करने में दिक्कत होती है। स्मार्टफोन कम्यूनिकेशन, इमोशन को प्रभावित करता है। स्मार्टफोन बच्चों में कई बीमारियां बढ़ा रहा है।
स्मार्टफोन के नुकसान की बात करें तो इससे नींद ना आने की समस्या आती है,चिड़चिड़ापन रहता है। सिरदर्द की समस्या रहती है।
स्मार्ट फोन के ज्यादा इस्तेमाल से आंखों की रोशनी कम हो रही है,शरीर में दर्द रहता है,इंफेक्शन होने का खतरा भी है। स्मार्टफोन की लत से भ्रम पैदा होना या नोमोफोबिया और स्मार्टफोन पर बढ़ती निर्भरता से भूलने की बीमारी बढ़ रही है।

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