केरल में रेड अलर्ट वापस, रेस्क्यू जारी

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कोच्ची। बाढ़ से आई आफत के बीच राहत की खबर ये है कि सभी जिलों में जारी किया गया रेड अलर्ट अब वापस ले लिया गया है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भारी बारिश से राहत का दावा जरूर किया है। लेकिन आपदा के इस दौर से केरल में जान-माल का जो नुकसान हुआ है, उससे केरल और वहां के रहने वालों का जीवन पटरी पर लौटने पर काफी समय लग सकता है। जबकि इडुक्की, कोजीकोड, कन्नूर में येलो अलर्ट जारी है।
प्रदेश में बाढ़ की विभीषिका के कारण ७,२४,६४९ लोगों को राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है। बाढ़ पीड़ितों के लिए ५,६४५ राहत शिविर बनाए गए हैं। बाढ़ की त्रासदी ने ३७० जिंदगियां लील लीं।
इस बीच केंद्रीय मंत्री केजे एलफॉन्स का कहना है कि बाढ़ के कारण किसी भी घर में बिजली नहीं है, ना ही किसी और तरह की सुविधाएं हैं। अभी सबसे ज्यादा वहां पर इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर, कारपेंटर की जरूरत है। अभी वहां खाना और कपड़े की जरूरत नहीं है।
मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने मीडिया से बातचीत में कहा, हमारी सबसे बड़ी चिंता लोगों की जान बचाने की थी। लगता है कि इस दिशा में काम हुआ।ष् केरल में आखिरकार बाढ़ के सबसे विनाशकारी दौर समाप्त होने के संकेत मिले और कई शहरों व गांवों में जलस्तर में कमी आई। मुख्यमंत्री ने कहा, ष्शायद यह अब तक की सबसे बड़ी त्रासदी है, जिससे भारी तबाही मची है। इसलिए हम सभी प्रकार की मदद स्वीकार करेंगे।
विजयन ने कहा कि बचाव कार्य का अंतिम चरण जारी है। कई व्हाट्सएप ग्रुप पर मदद की मांग की जा रही है, खासतौर से अलप्पुझा से मदद मांगी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे २२,०३४ लोगों को बचाया गया है।
गौरतलब है कि केरल में २९ मई को आई पहली बाढ़ के बाद से लोगों की मौत का सिलसिला जारी है। बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित अलाप्पुझा, एर्नाकुलम और त्रिशूर में बचाव कार्य जारी है। अधिकारियों ने इन तीन जिलों में जारी किए गए रेड अलर्ट को वापस ले लिया है।
सर्वाधिक प्रभावित स्थानों जहां लोग पिछले तीन दिनों से भोजन या पानी के बिना फंसे हुए हैं, उनमें चेंगन्नूर, पांडलम, तिरुवल्ला और पथानामथिट्टा जिले के कई इलाके, एर्नाकुलम में अलुवा, अंगमाली और पारावुर में शामिल हैं। अलाप्पुझा में बचाव कार्य में मदद के लिए आए फंसे मछुआरों के एक समूह ने अधिकारियों के बीच समन्वय की कमी होने की शिकायत की। केरल सरकार ने बाढ़ से कुल १९,५०० करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान लगाया है

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