केरल में बाढ़ से भारी तबाही, 324 से अधिक लोगों की मौत

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कोच्ची। भारत के दक्षिणी राज्य केरल में बाढ़ की वजह से हुए हादसों में मरने वालों की संख्या बढ़कर ३२४ हो गई है। सूबे के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के शब्दों में कहें तो श्बीते १०० वर्षों में केरल ने ऐसी तबाही नहीं देखी। जून के पहले सप्ताह में भारत में मानसून की शुरुआत हुई थी। लेकिन केरल में भारी बारिश और बाढ़ के कारण मरने वालों की संख्या बीते ७२ घंटों में तेज़ी से बढ़ी है।
एक सरकारी अनुमान के मुताबिक़, बाढ़ के कारण क़रीब सवा तीन लाख लोगों को बेघर होना पड़ा है और ये लोग राज्य में बनाये गए २००० से अधिक अस्थाई राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं।
मौसम विभाग ये चेतावनी दे चुका है कि अगले कुछ दिनों में केरल में मूसलाधार बारिश होने के कारण बाढ़ प्रभावित १३ ज़िलों में स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण हो सकती है। केरल में बाढ़ की वजह से जो इलाक़े सबसे ज़्यादा प्रभावित हुए हैं वो पश्चिमी घाट के इकोलॉजिकल सेंसिटिव ज़ोन के अंतर्गत आते हैं। स्थानीय मीडिया के अनुसार, इडुक्की, वायनाड, त्रिवेंद्रम और पलक्कड ज़िले में हालात सबसे ज़्यादा ख़राब हैं।
राज्य के विभिन्न हिस्सों में बिजली आपूर्ति, संचार प्रणाली और पेयजल आपूर्ति बाधित है। यहाँ ट्रेन सेवाएं बाधित हैं और सड़क परिवहन सेवाएं भी अस्त-व्यस्त हैं। अधिकारियों के अनुसार, कासरगोड़ को छोड़कर बाकी सभी ज़िलों में स्कूल और कॉलेजों में छुट्टी की घोषणा कर दी गई है। केरल सरकार ने कहा है कि मारे गए लोगों में से बहुत सारे लोग भूस्खलन के कारण मलबे के नीचे दब गए हैं। एरनाकुलम के विधायक हिबी एडन केरल की कैबिनेट में सबसे युवा मंत्री हैं।
इस बीच भारत के गृह मंत्रालय ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि इस साल मानसून शुरू होने के बाद से लेकर अब तक भारत के विभिन्न हिस्सों में ९३० से ज््यादा लोगों की मौत हो चुकी है। भारत की रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन के अनुसार, केरल में आज से ऑपरेशन मदद के तहत भारतीय नौसेना और भारतीय कोस्ट गार्ड की क़रीब ४०० नावें बचाव कार्य में लगाई जायेंगी। वहीं त्रिवेंद्रम स्थित भारतीय वायुसेना के दक्षिणी एयर कमांड ने बाढ़ में फंसे लोगों को एयरलिफ़्ट करने के लिए २२ हेलीकॉप्टर और ६ छोटे विमान बचाव कार्य में लगाये हैं।
शनिवार को भारतीय फ़ौज के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि फ़ौज के कुछ इंजीनियरों के साथ ७०० से ज़्यादा जवान बीते नौ दिनों से बचाव कार्य में लगे हुए हैं। नेशनल डिज़ास्टर रेस्पॉन्स फ़ोर्स (एनडीआरएफ़) ने भी शनिवार को छह टीमें दिल्ली और छह टीमें अहमदाबाद से केरल भेजी हैं। एनडीआरएफ़ की १८ टीमें केरल के ७ ज़िलों में पहले से तैनात हैं।

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