ऐसे कैसे मार लोगे मैदान

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सहीराम
धरती वीरों से खाली नहीं है जी। ट्राई वाले महामहिम को भी शायद इस बात का पता चल ही गया होगा। वरना उन्होंने तो मैदान खाली देखकर लंगोट घुमा दिया था कि ये लो मेरा आधार नंबर और अब मुझे नुकसान पहुंचाकर दिखाओ। पता नहीं, ऐसा चैलेंज देने की उन्हें क्या सूझी। माना कि यह जमाना चैलेंज देने का है।
कभी पश्चिम वाले आइस बकेट चैलेंज दे देते हैं कि जरा बर्फ के पानी से नहाकर दिखाओ तो कभी हमारे अपने मंत्री फिटनेस चैलेंज दे देते हैं। वैसे तो हमारी सरकार पूरी तरह स्वदेशी वालों की सरकार है, पर प्रेरित वे भी लगता है पश्चिम से ही होते हैं। वैसे ही जैसे पूंजी वे भी पश्चिम से ही लाने जाते हैं। अब मंत्री जी की इज्जत तो खैर प्रधानमंत्री जी ने रख ली थी-अपना फिटनेस वीडियो डालकर। मंत्री जी चाहें तो सदा-सदा इस पर गर्व करते रह सकते हैं कि अबे मेरा क्या मुकाबला करोगे-मैंने तो प्रधानमंत्री से उठक-बैठक करवा दी। चाहें तो वे सदा उनके आभारी भी रह सकते हैं। बाबा रामदेव भी चाहें तो इस पर गर्व कर सकते हैं कि चस्का तो आखिर मेरा ही लगाया हुआ है। अगर मैं योग की मार्केटिंग नहीं करता तो मंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक सब कहां इतनी उछलकूद करने वाले थे।
पर ट्राई वाले महामहिम ने ये चैलेंज क्यों फेंक दिया। अरे महाराज, आप क्या सरकार के मंत्री हो, जो प्रधानमंत्री जी आपके बचाव में आ जाएंगे और अपना आधार नंबर भी सार्वजनिक कर देंगे। ऐसे वक्त में जब लोग गलियों में फेरी वालों की तरह आवाज लगाते घूम रहे हैं-आधार का डाटा ले लो, आधार का डाटा ले लो और वो भी इतने सस्ते में बेच रहे हैं कि जनाब इससे सस्ती तो फिर आदमी की जान ही हो सकती है, तब इन उन्होंने यह चैलेंज क्यों फेंक दिया, समझ में नहीं आता।
जनाब पान की दुकानों की तरह आधार का डाटा बेचने वालों की दुकानें खुली हुई हैं। ऐसे में आपने काहे यह ट्राई मार ली। आप आधार के मुरीद हैं, अच्छी बात है। उसका गुणगान करते रह सकते थे। कोई न कोई जुगाड़ फिट हो ही जाता। यह चैलेंज देकर सरकार की भद्द क्यों पिटवा दी। खुद आधार वालों को कहना पड़ गया कि कृपया ऐसा एडवेंचर न करें।
पर राजा से ज्यादा राजा के वफादार बनने वालों की कमी कहां है साहब। आपको क्या यह मामूली-सी बात भी पता नहीं थी कि तकनीक के इस जमाने में हैकरों की कोई कमी नहीं है। आखिर उन्होंने बता दिया न कि आप क्या हैं? मेहरबानी ऊपर से की कि छोड़ो यार क्यों इस चक्कर में पड़ते हो। हैकरों ने लाड़ से उनके गाल थपथपाए और बोले-जाओ बच्चे घर जाओ, अभी नौसीखिए हो।

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