बाबा उत्तराखण्डी की शहादत दिवस को संकल्प दिवस के रूप में मनाया

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संवाददाता
देहरादून। राज्य की स्थाई राजधानी गैरसैंण बनाये जाने की मांग को लेकर अपने प्राणों की आहुति देने वाले बाबा मोहन बाबा मोहन उत्तराखण्डी के सहादत दिवस को चिन्हित राज्य आंदोलनकारी समिति ने सकंल्प दिवस के रूप में मनाया तथा उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर चिन्हित राज्य आंदोलनकारियों ने संकल्प लिया कि जब तक राज्य की राजधानी उनके शहादत केे अनुरूप गैरसैंण नहीं बन जाती उनका संघर्ष जारी रहेगा। राज्य आंदोलनकारियों ने कहा कि 15 अगस्त 2018 को मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने अगर राज्य आंदोलनकारियों की लंबित मांगो का निराकरण नहीं किया तो उग्र आंदोलन प्रारम्भ किया जायेगा। इसका नोटिस भी प्रेषित कर दिया गया है। िचन्हित राज्य आंदोलनकारी समिति के केन्द्रीय मुख्य संरक्षक धीरेंद्र प्रताप, केन्द्रीय अध्यक्ष जे-पी- पांडे व महिला प्रकोष्ठ की केन्द्रीय अध्यक्ष सावित्री नेगी ने कहा कि बाबा मोहन उत्तराखण्डी ने राज्य की स्थायी राजधानी गैरसैंण बनाये जाने की मांग को लेकर लम्बी भूख हड़ताल की थी और हालत बिगड़ने पर प्रशासन द्वारा उन्हे जबरन उठाया गया था जिस पर उन्होने प्राण त्याग दिये थे पांडे ने कहा कि आज उनकी पूण्य तिथि पर राज्य आंदोलन कारियों ने संकल्प लिया है कि राज्य की स्थाई राजधानी जब तक गैरसैंण नहीं बन जाती आंदोलन जारी रहेगा। पांडे ने कहा कि 16 अगस्त को खटीमा में विशाल जनसभा व पीपल कोटी में एक आमसभा आयोजित की गयी है जिसमें भावी कार्यक्रम की रूप रेखा तय की जायेगी।

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