आभासी चेहरे पर जीवन की झांकी

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अशोक गौतम
दोस्तो! आपकी तो आप जानें, पर मत पूछो मेरे जीवन में फेसबुक का आज की तारीख में कितना महत्व है? सच कहूं तो मेरी जिंदगी फेसबुक है, मेरी बंदगी फेसबुक है। मेरी मां फेसबुक है। मेरा बाप फेसबुक है। मेरे बंधु-बांधव सब फेसबुक हैं। जिस दिन गलती से फेसबुक काम करना बंद कर देती है, मत पूछो मेरे कितने बुरे हाल हो जाते हैं। सच कहूं तो मरने को हो जाता हूं। फेसबुक न चले तो मेरी सांसें रुकने लग जाती हैं। नसों में खून जमने लगता है। सारा शरीर शिथिल होने लग जाता है। लगता है जैसे पूरी पृथ्वी पर मैं केवल अकेला हूं, असहाय-सा।
और ज्यों ही फेसबुक अपना काम करने लगती है, मेरे शरीर की शिराओं में रक्त न होने के बाद भी ऑटोमैटिकली रक्त संचार होने लगता है। मेरी सांसें अपने आप चलने लगती हैं। शरीर में हरकत होने लगती है। और देखते ही देखते मैं जिंदा हो उठता हूं।
थैंक्स फेसबुक, इन अकेलेपन के दिनों में कम से कम तू तो साथ है। आज बीवी के साथ पति नहीं, फेसबुक है। आज मां के साथ बच्चे नहीं, फेसबुक है। आज भाई के साथ बहन नहीं, फेसबुक है। आज प्रेमी के साथ प्रेमिका नहीं, फेसबुक है। आज भक्त के साथ भगवान नहीं, फेसबुक है। आज कोई घर का भी जो कोई बीमार हो जाए तो उसकी बीमारी का पता तुमसे ही लगता है। हे फेसबुक! जब वह अस्पताल के बिस्तर पर मरने को लेटा होता है और उसके साथ आए अटेंडेंट दनादन उसकी बिस्तर पर पड़ी तस्वीरें उसके सारे काम छोड़ अपलोड कर रहे होते हैं, तब पता लगता है तू कितनी जरूरी है हमारे लिए।
वाह! समय कितना बदल गया है तेरे आने से हे फेसबुक। कोई पानी में डूबता हुआ किसी का हाथ थामने की कोशिश करे तो डूबते हुए का वीडियो बनाने वाले बंदे को लगता है कि डूबने वाले बंदे को डूबने से बचाने से पहले जरूरी है उसका वीडियो बना फेसबुक पर डालना। बंदा बच गया तो वीडियो किस काम का?
हे फेसबुक! अब तो तू हमारे जन्म से लेकर मरने तक की दोस्त हो गई है। किसी के घर बच्चा जन्मा हो तो मां को बाद में पता चलता है कि उसके संतान हुई है पर दोस्तों को पहले पता चल जाता है कि अमुक बाप बन गया है। जो कोई मर जाए तो अब उसके मरने की फोटो उसकी अर्थी के साथ अपनी रोनी-सी सूरत बना घर वाले ग्रुप फोटो खींच फेसबुक पर डाल उसके नीचे लिख देते हैं- हमारे अमुक अंतिम यात्रा पर जाने से पहले हमारे साथ अंतिम फोटो खिंचवाते हुए, और हो गए शोकमुक्त।
हे फेसबुक, सच कहूं तो जो तू हमारे जीवन में न होती तो हम आज कहीं के न होते। ऐसे में जब हम सबके साथ होने के बावजूद भी अकेले हैं, हमारे जीवन में आने के लिए बहुत-बहुत शुक्रिया। हे फेसबुक! तेरा अहसान हम मरने के बाद भी नहीं भूलेंगे। अंत में उस प्रभु से मेरी बस यही प्रार्थना-मे यू लिव लांग फेसबुक!

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