उत्तर प्रदेश में फेक एनकाउंटर की खबर पर तीन पुलिसकर्मी सस्पेंड

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आगरा। उत्तर प्रदेश को अपराध मुक्त बनाने के लिए सरकार अपराधियों के खिलाफ अभियान चला रही है। हाल ही में एक समाचर चैनल ने यूपी पुलिस द्वारा फर्जी एनकाउंटर करने का खुलासा किया है। समाचार चैनल द्वारा किए गए स्टिंग में पता चला है कि, राज्य की पुलिस पैसै लेकर एनकाउंटर कर रही है। पुलिसकर्मी प्रमोशन और मेडल के लिए गलत तरीके से एनकाउंटर कर रहे हैं। पैसे लेकर एनकाउंटर करने के स्टिंग ऑपरेशन से हड़कंप मच गया है। डीजीपी के निर्देश पर तीनों आरोपी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। निलंबित होनेवालों में आगरा के बसई जगनेर थाने के कोतवाल जगदंबा प्रसाद, दारोगा बलवीर सिंह और आगरा के ही चित्राहाट थाने में तैनात दारोगा सर्वेश सिंह हैं।
यूपी में योगी सरकार के सत्ता में आने के बाद यूपी पुलिस १५०० से अधिक एनकाउंटर कर चुकी है। इन एनकाउंटर में लगभग ६० लोग मारे गए हैं, जबकि ४०० से आसपास पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। अकेले आगरा जोन की पुलिस ४०० एनकाउंटर कर चुकी है। आगरा के चित्रहाट थाने के सब इंस्पेक्टर सर्वेश कुमार ८ लाख रुपए में फर्जी एनकाउंटर के लिए तैयार हो जाते हैं। वह कहते हैं कि, कहीं बैंक में लूटपाट होने दो… ठोक देंगे।
आगरा जिले के बसेई जगनेर थाना प्रभारी जगदंबा सिंह कैमरे पर यह बोलते हुए देखे जा रहे हैं कि, थाना का चार्ज पाने के लिए कोई कुछ भी कर सकता है। हत्या कर सकता है। पैसे दे सकता है। अपने पावर का गलत इस्तेमाल कर सकता है। यूपी पुलिस दुनिया की सबसे ताकतवर पुलिस है। जो चाहे कर सकती है। हम एनकाउंटर तक कर देते हैं। यूपी में पॉवर का दुरूपयोग आम बात है। एनकाउंटर में कौन हिस्सा लेगा, इसकी जानकारी हमारे एसपी को होती है। बिना कप्तान की सहमति से एनकाउंटर नहीं होता।

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