बरसात थमने के बाद भी मुसीबत नहीं हुई कम

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रुद्रप्रयाग। लगातार हुई बरसात के बाद बृहस्पतिवार को जैसे ही मौसम खुला तो लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन लोगों की यह मुसीबत कम नहीं हुई। सुबह छ: बजे के करीब राष्ट्रीय राजमार्ग रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड के चन्द्रापुरी के पास पेड़ और मलबा गिरने से राजमार्ग बाधित हो गया। राजमार्ग को खोलने में एनएच विभाग को दो घंटे की कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। इसके अलावा बच्छणस्यूं पट्टी के दर्जनों गांवों को जोडऩे वाले काण्डई-कमोल्ड़ी मोटरमार्ग के शिवपुरी, किनगारा, छिपतिमली में मलबा आने से लिंक मार्ग बंद हो गया। मार्ग को खोलने के लिए लोनिवि विभाग ने जेसीबी भेजी, लेकिन मार्ग खुलने में कईं घंटे लग गये। इसके बाद मार्ग दोपहर बाद फिर से बंद हो गया, जिसे खोलने में विभाग ने काफी समय लगा दिया। बरसात के कारण लिंक मार्ग पर भी डेंजर जोन उभर आये हैं, जो बारिश बंद होने के बाद भी मुसीबत खड़ी कर रहे हैं। धनपुर पट्टी को जोडऩे वाले पीड़ा-पाबौ मोटरमार्ग के जगह-जगह मलबा आने के बाद मार्ग पूरी तरह से आवाजाही के लिए बंद हो गया। मार्ग को खोलने के लिए सुबह लगी जेसीबी मशीन ने पूरा दिन मार्ग को खोलने में लगा दिया। देर शाम को मार्ग आवाजाही के लिए खुल पाया, जिसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
वहीं जिले के पांच मोटरमार्ग पिछले कई दिनों से बारिश के कारण बंद पड़े हुए हैं। इन मार्गों पर जगह-जगह मलबा और बोल्डर आया है, जिसे साफ करने में विभाग के पसीने छूट रहे हैं। कई मार्गों पर पुश्ते ढहने के साथ ही सड़क ही पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है, जबकि कई मार्ग ऐसे हैं, जो बरसाती गदेरों के चलते तहस-नहस हो चुके हैं। ऐसे में इन मार्गों को ठीक करने के लिए विभाग दिन-रात लगा हुआ है। जिले के जाबरी-जयकंडी मार्ग पिछले 16 जुलाई से बंद पड़ा है, जबकि बरसूंड़ी-अखोली 25 अगस्त से, ऊखीमठ-मनसूना एवं छेनागाड़-उच्छोला तीस अगस्त से बंद है। इन मोटरमार्गों के अलावा जैली-मरगांव-तैला मार्ग भी बंद पड़ा हुआ है, जिससे हजारों की जनता जुड़ी हुई है। मार्ग को खोलने में विभाग को दिन-रात एक करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है दस अगस्त तक मार्ग को आवाजाही के लिए खोल दिया जायेगा। लिंक मार्गों के बंद होने से ग्रामीण जनता को आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पीठ से ढोकर ले जानी पड़ रही है। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों को जोडऩे वाले पैदल मार्ग भी खस्ताहाल हो गये हैं। बरसात ने लोगों का जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित कर दिया है। जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने कहा कि राजमार्ग के बंद होने पर जल्द खोला जा रहा है, मगर ग्रामीण लिंक मार्गों के बंद होने पर जेसीबी मशीने पहुंचाने में समय लग रहा है। उन्होंने कहा कि जिले के पांच लिंक मार्ग भारी मलबा आने और सड़क के जगह-जगह ध्वस्त होने से बंद पड़े हैं।(आरएनएस)

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