आंदोलन में डटे हैं खीड़ा के ग्रामीण

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अल्मोड़ा। ठेके के शराब की दुकानों का टेंडर निरस्त किए जाने समेत क्षेत्र की अन्य मांगों को लेकर खीड़ा के ग्रामीण आंदोलन में डटे हुए हैं। उनका दो टूक शब्दों में कहना है कि जब तक उनकी मांगें मानी नहीं जाती वे पीछे नहीं हटेंगे। इसके लिए चाहे उन्हें उग्र आंदोलन ही क्यों न करना पड़े। इधर आठवें दिन भी क्रमिक अनशन व धरना जारी रहा। इस दौरान ग्रामीणों ने नारेबाजी कर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की।
क्रमिक अनशन स्थल पर देर शाम तक लोगों का पहुंचने का क्रम जारी रहा तथा मातृशक्ति ने अपनी एकता का परिचय देते हुए मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। इस दौरान सभा में वक्ताओं ने सरकार को ललकारते हुए लोकसभा चुनाव में सबक सीखने का भी ऐलान किया। कहा कि शासन प्रशासन ग्रामीणों की धैर्य की परीक्षा न ले तथा तत्काल टेंडर निरस्त करे। यदि ऐसा नहीं हुआ तो पूर्व तय कार्यक्रम के अनुसार सात अगस्त से बेमियादी आमरण अनशन शुरू कर दिया जाएगा।
क्रमिक अनशन की श्रंखला को जारी रखते हुए कमला देवी, मोहनी देवी, गीता देवी, धना देवी, रेबुली देवी, लक्ष्मी देवी, जसोदा देवी व खुशाल सिंह क्रमिक अनशन में बैठे। जिन्हें संघर्ष समिति पदाधिकारियों ने माल्यार्पण कर बिठाया। इस अवसर पर लक्ष्मण सिंह नेगी, माधो सिंह बिष्ट, नारायण सिंह, पान सिंह, आनंद सिंह, गोपाल सिंह, हरी राम, धन सिंह, शोबन सिंह, देव सिंह, मोहन राम, हरी राम, शिव सिंह, जोगा सिंह व रमेश राम आदि धरने में शामिल हुए।(आरएनएस)

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