संरक्षण गृह ही बने शोषण के ठिकाने

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निश्चित रूप से यह मानवता के प्रति अपराध ही है कि जिस आश्रय स्थल पर किस्मत की मारी लड़कियां सिर छिपाने के लिये पहुंचीं वहीं उनकी अस्मिता से खिलवाड़ किया गया। यूं तो हरियाणा समेत कई राज्यों में बालिका संरक्षण गृहों में संगठित रूप से शारीरिक शोषण की खबरें आती रही हैं मगर बिहार के मुजफ्फरपुर में समाज कल्याण विभाग के संरक्षण में एक समाजसेवी संस्था द्वारा चलाये जा रहे बालिका गृह में 44 में से 34 लड़कियों की मेडिकल जांच के बाद यौन शोषण की आशंका पुलिस जता रही है। यहां तक कि विरोध करने वाली बच्चियों को यातनाएं दी गईं। एक ऐसी बच्ची की हत्या करके गाड़ देने के आरोप बालिका गृह की एक लड़की न लगाये। जिस पर बालिका गृह के परिसर में खुदाई भी की गई।?चिंता की बात यह है कि वर्ष 2०13 से 2०18 के बीच छह लड़कियां गायब हुईं। यह मामला तब उजागर हुआ जब टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज की तरफ से सोशल ऑडिट हुआ। तेरह साल से 18 साल की लड़कियों के साथ गलत काम होने की आशंका के बाद समाज कल्याण विभाग की ओर से मुजफ्फरपुर में रिपोर्ट लिखाई गई। इस मामले में बालिका गृह के संचालक के साथ दस लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें सात महिलाएं शामिल हैं।
इस घटनाक्रम का एक दुखद पहलू यह भी है कि एक बच्ची ने एक महिला कर्मचारी तक पर शोषण का आरोप लगाया है।?अभी इस मामले की परतें खुलेंगी तो कई सफेदपोश सामने आएंगे। यह मामला इसलिए गंभीर है क्योंकि जिस बालिका गृह पर बालिकाओं के यौन शोषण व उत्पीडऩ के आरोप लगे हैं, वह सरकार की मदद से चल रहा था। कभी किसी संस्था ने यह पता लगाने की कोशिश नहीं की कि लाचारी की मारी बच्चियों के साथ क्या हो रहा है। जैसी की उम्मीद थी, इस मुद्दे पर जमकर राजनीति हो रही है।
संसद से सड़क तक इस मुद्दे पर नीतीश सरकार को लपेटकर राजनीति की जा रही है। मगर सवाल यह है कि पुलिस कार्रवाई से पहले ये राजनीतिक दल कहां थे और कोई नेता इन बच्चियों को नरक से मुक्त कराने क्यों नहीं आया। निश्चित रूप से यह संचालकों द्वारा संचालित संगठित अपराध तो है ही मगर सवाल आर्थिक मदद देने वाले सरकारी विभागों का भी है कि क्यों उन्होंने समय-समय पर जांच कर बच्चियों के साथ होने वाले अत्याचार का संज्ञान नहीं लिया। बिहार में कई और ऐसे बालिका सुधार गृहों से यौन शोषण व उत्पीडऩ की खबरें आ रही हैं।?अब इस मुद्दे को लेकर पटना हाईकोर्ट में दो याचिकाएं दायर की गई हैं।(आरएनएस)

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