संशयः अतिक्रमण की जद में कौन ?

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देहरादून। अध्यादेश के बाद अब अतिक्रमण का हथौड़ा किस-किस पर चलेगा और किस पर नहीं। इसे लेकर शंसय की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन का कहना है कि मलिन बस्तियों को छोड़कर अतिक्रमण के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। जबकि भाजपा विधायक स्थानीय लोगों को कह रहे हैं कि अब किसी की दुकान या मकान नहीं टूटेगा।
भाजपा सरकार ने मलिन बस्तियों पर अध्यादेश के दांव से कांग्रेस को चारों खाने चित्त कर दिया गया है। भाजपा की जीत का जश्न कल विधायकों के आवासों पर देखा गया। उत्साहित इन विधायकों द्वारा अब यह प्रचारित किया जा रहा है इस अध्यादेश के बाद अब किसी का भी घर या दुकान नहीं तोड़ी जायेगी। जब कि एमडीडीए के अधिकारियों का कहना है कि अध्यादेश में सिर्फ मलिन बस्तियों में ही कार्यवाही पर रोक लगाई गयी है। यही नहीं प्रशासन द्वारा भी शहर की सड़कों, आवासीय कालोनियों तथा गली मोहल्ला में भी सार्वजनिक जमीनों पर किये गये अतिक्रमण को हटाने की कार्यवाही जारी रखने की बात कही जा रही है। इस अध्यादेश के बाद अब कहां अतिक्रमण पर कार्यवाही होगी और कहां नहीं इसे लेकर संशय की स्थिति पैदा हो गयी है।
सरकार द्वारा बीते दो दिन पूर्व लाये गये अध्यादेश पर राज्यपाल की मुहर लगने के बाद इन मलिन बस्तियों के लोग खुश हैं उन्होंने कल अपने क्षेत्रीय विधायकों के घर जाकर उनका आभार तो जताया है। साथ ही जमकर जश्न भी मनाया। हजारों की संख्या में उमड़ी इस भीड़ से उत्साहित विधायकों ने भी इन समर्थकों को भरोसा दिलाया कि वह उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं होने देंगे। इन विधायकों का कहना है कि लोग अपने घरों में आराम से रहे और अपनी दुकाने खोले, कारोबार करें अब किसी का भी घर या दुकान नहीं तोड़ी जायेगी। यह समझ से परे है कि अगर मुख्य सचिव ओम प्रकाश कह रहे हैं कि अतिक्रमण हटाने के अभियान में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जायेगी जहां लाल निशान लगाये जा चुके हैं। सभी अतिक्रमणों को तोड़ा जायेगा। उन्होंने इसमें आवास विकास कालोनियों तक में कार्यवाही की बात कही है।
यह अध्यादेश सिर्फ अवैध बस्तियों तक सीमित है या फिर इसका प्रभाव पूरी राजधानी के आवासीय तथा बाजार क्षेत्रें तक होगा? विधायकों की बयानबाजी से इसे लेकर संशय की स्थिति पैदा हो गयी है क्या अब मुख्य सड़कों व बाजारों में चलने वाले अतिक्रमण हटाओ अभियान का विरोध करने के लिए यह क्षेत्रीय विधायक उतरने वाले हैं जबकि एमडीडीए के अधिकारी व सचिवालय में बैठे अधिकारी अभियान जारी रखने की बात कह रहे हैं ऐसी स्थिति में अब एक बार फिर टकराव की स्थिति पैदा हो सकती है इसमें कोई शक नहीं है कि भाजपा के क्षेत्रीय विधायक अपनी इस सफलता और लोगों के समर्थन से गदगद हैं। अब जोश में आकर क्या यह विधायक दुकानों और घरों को बचाने के लिए भी मैदान में उतरेंगे या फिर यह सिर्फ जोश में आकर कुछ भी कहने तक ही सीमित हैं।

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