यमुनोत्री को पृथक जिला बनाने की मांग

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देहरादून। यमुनोत्री को पृथक जनपद के रूप में सृजन कराने की मांग को लेकर आज यमुनोत्री जिला संघर्ष समिति ने एक पत्रकार वार्ता कर मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया।
प्रैस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में संघर्ष समिति के अध्यक्ष अब्बल चंद कुमाई ने कहा कि उत्तराखण्ड के सीमान्त जनपद उत्तरकाशी का सृजन 24 फरवरी 1960 में हुआ था। बताया कि भौगोलिक व प्राकृतिक विषमताओं के कारण शीतकाल व वर्षाकाल में उत्तरकाशी मुख्यालय से यमुनाघाटी का सम्पर्क कटा हुआ रहता है जिस कारण यमुनोत्री को पृथक जनपद बनाने की मांग दसको से की जा रही है।
बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री डा- रमेश पोखरियाल निशंक ने 15 अगस्त 2011 को चार नये जनपदों की घोषणा की थी जिसमें यमुनोत्री भी शामिल था। लेकिन तब से कई वर्ष बीतने के बाद भी यमुनोत्री जनपद का सृजन ठंडे बस्ते की खाक छान रहा है।
उन्होने कहा कि यदि सरकार 15 अगस्त 1918 तक यमुनोत्री के नाम से पृथक जनपद की घोषणा नहीं करती है तो वह भी उसी दिन से तहसील बड़कोट परिसर में अनशन पर बैठ जायेगें।

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