कालसी के तारली में तीन साल से जल संकट

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विकासनगर। तारली गांव में पिछले तीन साल से पानी का संकट बना हुआ है। डेढ़ दशक पहले इस गांव के लिए पेयजल सप्लाई की योजना बनी थी, लेकिन तीन साल पहले यहां जल स्रोत सूख जाने के कारण लोग पानी की बूंद-बूंद को मोहताज हो गए हैं।
तारली में पेयजल योजना सूख चुकी है और जगह-जगह क्षतिग्रस्त भी है। ऐसे में लोगों को दो किमी दूर प्राकृतिक स्रोत के लिए दौड़ लगानी पड़ती है। तारली के लोग तीन साल से शासन-प्रशासन के कई चक्कर काट चुके हैं। लेकिन, जल संकट से लोगों को निजात नहीं मिल पाई है। नारायण सिंह तोमर, भाव सिंह तोमर, चतर सिंह तोमर, पूरण सिंह, रतन सिंह, चमन सिंह, जितेंद्र और अनिल का कहना है कि तारली से दो किमी दूर पगरावा खड्ड से पेयजल लाइन निर्माण की मांग की गई, लेकिन परगावा खड्ड जलस्रोत से कोटा गांव के लोग पानी दिए जाने का विरोध कर रहे हैं। तारली और कोटा गांव के लोगों के बीच पानी को लेकर विवाद है।
तहसीलदार एसपी उनियाल ने दोनों गांवों के बीच समझौता कराने का प्रयास किया, जिसके तहत प्लास्टिक के पाइप जोड़कर तारली की पुरानी पेयजल योजना से जलापूर्ति शुरू की गई। लेकिन, आरोप है कि कोटा गांव के कुछ लोगों ने इन पाइपों को हटा दिया। ऐसे में तारली के लोग भीषण जल संकट से जूझ रहे हैं। उन्होंने स्थानीय प्रशासन से इस मसले पर कार्रवाई की मांग की है।
एसडीएम बृजेश कुमार का कहना है कि तहसीलदार को मौके पर भेजकर दोनों गांवों के बीच समझौता कराया गया था। लेकिन, कोटा गांव के लोग समझौता करने को तैयार नहीं। तारली और कोटा गांव के लोगों की फिर बैठक बुलाकर समझौते का प्रयास किया जाएगा। दोनों गांवों के लोगों को इस समस्या के समाधान के लिए आगे आना चाहिए।

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