देवभूमि उत्तराखंड में बारिश से लोग खौफजदा

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गोपेश्वर। देवभूमि उत्तराखंड में बारिश से लोग खौफजदा हैं। बारिश जहां एक ओर भारी तबाही मचा रही है वहीं दूसरी ओर कई लोग आपदा की भेंट चढ़ चुके हैं। प्रदेश में भूस्खलन से कई लोगों के घर जमींदोज हो गए हैं। जिस कारण कई लोग अपने आशियाने को छोड़कर अन्यत्र शरण लिए हुए हैं।
चमोली देर रात से हो रही बारिश के कारण चमोली जिले के दो क्षेत्र कुंडी गांव और धारडंबगड में बादल फटने से कई घर, दुकान, मवेशी और गाडिय़ां मलबे में दब गई। हालांकि अबतक जनहानि की कोई सूचना नहीं है। वहीं गौरीकुंड के घोड़ापड़ाव में भूस्खलन हुआ। मलबा आने से मार्ग बाधित होने से श्रद्धालुओं को गौरी कुंड में ही रोका गया है। वहीं बीते दिनों हुई बारिश से चमोली के घाट क्षेत्र के बिजार गांव में नाला उफान पर आने से पुल बह गया। जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही बारिश से सीमान्त जिला मुख्यालय पिथौरागढ़, बागेश्वर में भी भारी तबाही मचाई है।
गौर हो कि प्रदेश में वर्षाकाल में पहाड़ों के दरकने की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। सूबे में आपदा ने कई लोगों की जिंदगियां लील ली है। जिसका हल्की सी बारिश होने पर ही लोगों की आंखों में खौफ साफ देखा जा सकता है। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन से कई गांवों का अस्तित्व ही समाप्त हो गया है। बरसात की काली रात में जब बारिश की तेज बौछारों के साथ बिजली कड़कने की आवाज सुनाई दे रही तो गांव के लोग खौफ से सिहर जाते हैं। वहीं बीते दिन राजधानी देहरादून के सीमाद्वार क्षेत्र में बादल फटने से जानमाल का व्यापक नुकसान हुआ। अभी तक अलग-अलग घटनाओं में सात लोगों की मौत हो गई। वसंत विहार क्षेत्र में मकान का पुश्ता ढ़हने से एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई और दो घायल हो गए। रिस्पना नदी का जलस्तर बढऩे से दो लोग बह गए, जिनके शव कुछ ही दूरी पर बरामद किए गए। वहीं, सहसपुर क्षेत्र में भी पानी के बहाव में एक व्यक्ति बह गया, जिसकी मौत हो गई। बता दें कि लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ों पर जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। तमाम सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। ऐसे में खतरे की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन स्कूल बंद रखने के निर्देश जारी किए गए हैं।

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