जुगरान ने की ऐलोपैथिक फार्मसिस्ट पदाें पर नियुक्ति की मांग

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देहरादून। राज्य सरकार एलौपेथिक पफ़ार्मर्सिस्ट की भर्ती एवं सेवा नियमावली में संशोधन कर प्रदेश के हजारों बीफार्मा उत्तीर्ण को एलौपेथिक फार्मसिस्ट के पद पर नियुक्ति प्रदान करे।
यह बात आज एक प्रेसवार्ता मेें बेरोजगार स्नातक फार्मेसी एसोसिएशन के मुख्य संरक्षक रविंद्र जुगरान ने कही। साथ ही प्रेसवार्ता में मौजूद प्रदेश अध्यक्ष सौरभ गुंसाई व उपरोक्त सभी पदाधिकारियों ने केंद्र सरकार से बी-फार्मा उत्तीर्ण को अनेक राज्यों में ऐलोपैथिक फार्मसिस्ट के पद पर ‘फार्मेसी कांउसिल ऑफ इंडिया की अधिसूचना’ के अनुसार नियुक्ति दी जाने की मांग की है। रवींद्र जुगरान ने कहा कि फार्मसिस्ट के पद पर फिलहाल डी-फार्मा की योग्यता रखी गयी है और वर्तमान में उत्तर प्रदेश ऐलोपेथिक फार्मसिस्टों की 1980 भर्ती का ही प्रचलन उत्तराखण्ड में अभी तक लागू है। पदाधिकारियों ने कहा जबकि उत्तराखंड में ‘फार्मेसी कांउसिल ऑफ इंडिया से मान्यता प्राप्त खोले गए 17 कॉलेजो से हर वर्ष लगभग 7,000 बी-फार्मा प्रशिक्षित पास होकर निकलते है।
जुगरान ने कहा इसी अधिसूचना के अनुसार ऐलोपेथिक फार्मसिस्ट की भर्ती हेतु बी-फार्मा एवं डी-फार्मा दोनो ही योग्यता रखते है, इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा ऐलोपैथिक फार्मसिस्ट की भर्ती हेतु प्रशिक्षितों को योग्य बनाने के लिए नियुक्ति दी जाए।

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