लमचुला में अध्यापकों का टोटा

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बागेश्वर। राज्य सरकार जहां एक ओर प्रदेश से पलायन को रोकने के लिए पलायन आयोग को बनाने की बात कहती है। वहीं दूसरी ओर सुविधाओं के अभाव में अपने बच्चों के भविष्य को लेकर गांवों से पलायन करने को मजबूर हैं। विकासखंड गरुड़ के जूनियर हाईस्कूल लमचुला मैं शिक्षक नही होने से वहां पर अध्यन्न कर रहे बच्चों का भविष्य अंधकार मय हो रहा है। अध्यापकों की कमी होने के कारण बच्चों को स्कूल छोड़कर दूसरे विद्यालयों में दाखिला लेना पड़ रहा है। विद्यालय में कुल 1०9 बच्चे हैं। जिनको पढने के लिए मात्र 2 अध्यापक हैं। ग्राम प्रधान मदन सिंह बिष्ट, प्रधान जखेड़ा ईश्वर परिहार, मनोज परिहार, अमित कुमार, संजय कुमार ने कहा कि गांवों में शिक्षा की सुविधा न होने के कारण लगातार लोग गांव से शहरों की ओर पलायन कर रहे है। विद्यालय में शिक्षकों की कमी होने के कारण गांव वाले अपने बच्चों को पढाने के लिए पैदल 8 किमी दूर सलानी इंटर कालेज भेज रहे हैं। उन्होंने कई बार शिक्षा विभाग के अधिकारियों को विद्यालय में अध्यापकों की संख्या बढाने को लिखित और मौखिक शिकायत की। किंतु विद्यालय में अभी भी अध्यापकों का टोटा बना हुआ है। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को चेताते हुए कहा कि यदि शीघ्र जूनियर हाईस्कूल लमचुला में अध्यापकों की नियुक्ति नहीं की गयी तो ग्रामीणों शिक्षा अधिकारी कार्यालय में धरने में बैठ जाएंगे।(

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