भाजपा व संघ, साधु संतों की शरण में

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हरिद्वार। अपने मिशन 2019 की तैयारियों में जुटी भाजपा द्वारा चलाये जा रहे संपर्क समर्थन फॉर अभियान में संघ का सहयोग भी लिया जा रहा है। अमित शाह से समर्थन का इंकार करने वाले शांतिकुंज प्रमुख प्रणव पाण्ड्या को मनाने के लिए आज संघ प्रमुख मोहन भागवत और मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बंद कमरे में लम्बी वार्ता की।
बीते कल शाम हरिद्वार पहुंचे संघ प्रमुख मोहन भागवत ने आज शांतिकुंज प्रमुख प्रणव प्राण्ड्या से मुलाकात 2019 के चुनावी एजेंडे पर लम्बी बात की गयी। इस मुलाकात में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह के अलावा महामंडलेश्वर अवेधानंद गिरी तथा सत्यमित्रनंद गिरी भी मौजूद रहे। इस मुलाकात से न सिर्फ मीडिया को दूर रखा गया बल्कि भाजपा नेताओं तथा सांसद और विधायकों को भी दूर रखा गया। बंद कमरे में चली इस बैठक के बाद जब मुख्यमंत्री बाहर आये तो उन्होंने इस बैठक के बारे में कुछ भी जानकारी न देते हुए इसे एक शिष्टाचार भेंट ही कहा और प्रणव पाण्ड्या की नाराजगी को भ्रामक समाचार करार दिया।
उल्लेखनीय है अभी चार दिन पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जब उत्तराखण्ड आये थे तो वह अपने समर्थन मे लिए शांतिकुंज प्रमुख प्रणव पाण्ड्या से भी मिले थे लेकिन प्रणव पाण्ड्या ने केनद्र सरकार कामकाज और नीतियों से असंतुष्टी जाहिर करते हुए समर्थन से साफ इंकार कर दिया था यहां यह भी उल्लेखनीय है कि देशभर में शांतिकुंज व गायत्री परिवार से डेढ़ करोड़ लोग जुडे़ हैं। यही कारण है कि अब अमित शह के बाद संघ प्रमुख मोहन भागवत और मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत खुद चलकर उनके पास पहुंचे हैं। भाजपा और संघ नेताओं द्वारा संयुक्त रूप से 2019 के लिए समर्थन जुटाने का प्रयास किया जा रहा है। भाजपा अपने इस मिशन में बिना साधु संतों के आशीर्वाद के सफल नहीं सकती है इसलिए भाजपा और संघ नेता साधु संतों की शरण में हैं। स्वामी रामदेव व स्वामी अवैधानंद गिरी भाजपा को समर्थन की बात कर रहे हैं लेकिन प्रणव पाण्ड्या जैसे कुछ संत सरकार से नाराज भी हैं जिन्हें मनाने का प्रयास किया जा रहा है।

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