दून की कानून व्यवस्था बदहाल

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देहरादून। राजधानी दून में इन दिनों बदमाशों का आतंक बरपा हुआ है। जहां यह बदमाश आये दिन वारदात कर पुलिस को चुनौती देने में लगे है। वहीं हमारी मित्र पुलिस हर वारदात को हल्के में लेे रही है जिससे इन बदमाशों के हौसले इतने बुलन्द हो गये है कि वह किसी भी तरह की घटना को अंजाम देने के बाद पुलिस गिरफ्रत से बच निकलते है। जिससे आम जन मानस के मन में भय का माहौल पनपने लगा है।
केस न–1
बीते 11 मई की रात बदमाशों ने शहर के बीचो बीच कांग्रेस भवन के सामने ईसी रोड निवासी एक व्यक्ति को चाकूओं से गोद दिया था। जिसके बाद वह अपना दुपहिया वाहन छोड़ कर भाग निकले। मामले की जानकारी पुलिस को मिली तो पुलिस ने मौके पर पहुंच कर बदमाशों केे वाहन सीज कर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली। आज दो सप्ताह बीत जाने के बाद भी पुलिस इस मामले में खाली हाथ टहल रही है और बदमाश पुलिस पकड़ से कोसों दूर है।
केस न–2
28 अप्रैल को चोरों ने पुलिस को चुनौती देते हुए शहर के बीचोबीच घंटाघर चौराहे से पुलिस की मौजूदगी में एक मीडियाकर्मी की बाइक चुरा ली। पुलिस ने मामला तो दर्ज किया। लेकिन मामला दर्ज करने के बाद पुलिस ने इस चोरी को ठंडे बस्ते में डाल दिया। आज दो माह बीत जाने के बाद भी पुलिस इस मामले में खाली हाथ है। जबकि पुलिस विभाग का दावा है कि घंटाघर में सीसी कैमरे मौजूद है। सोचनीय सवाल यह है कि जब घंटाघर में सीसी कैमरे है तो पुलिस अब तक इस मामले का खुलासा क्यों नहीं कर सकी यह पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल है।
केस न–3
राजपुर थाना क्षेत्र में पिछले दिनों असामाजिक तत्व द्वारा मन्दिर में घुस कर मूर्ति तोड़ी गयी थी। जिस मामले की ेजानकारी ग्रामवासियों ने पुलिस को दी। राजपुर थानाध्यक्ष से जब इस सम्बन्ध में बात हुई तो उनका कहना था कि जिस व्यक्ति ने मन्दिर में घुस कर इस घटना को अंजाम दिया है वह मानिसक रूप से परेशान है। जबकि ग्रामवासियों का कहना है कि वह व्यक्ति क्षेत्र में आये दिन झगड़े फसाद करता रहता है। मन्दिर में मूर्ति तोड़ने की इस घटना में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्रतार क्यों नहीं किया यह एक बड़ा सवाल है?

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