सम्पूर्ण मानवता को जोड़ता है योग: मोदी

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देहरादून। आज अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एफआरआई परिसर में 50 हजार लोगों के साथ सामूहिक योग किया जिसमें मुख्यमंत्री सहित, बूढे़, जवान, बच्चों व महिलाओं सहित सभी वर्ग के लोग शामिल थे। 45 मिनट चवले इस योगाभ्यास में कपाल भारती, अनुलोम विलोम, भत्रिका, भ्रामरी व प्राणायाम जैसी अनेक योग क्रियाएं की गयी प्रधानमंत्री के साथ योग करने को लेकर साधकों में खासा उत्साह देखने को मिला।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेनद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि योग न सिर्फ हमारे मन, बुद्धि, शरीर और आत्मा के एकीकरण का साधन है बल्कि सम्ूपर्ण मानवता को जोड़ता है। आज इस भाग दौड़ भरी जिन्दगी में जहां बिखराव और तनाव ने समाज परिवार व मनुष्य को घेर वहां सिर्फ योग से ही हमें शांति की प्राप्ति हो सकती है। इस बात को आज विश्व के सभी लोगों ने स्वीकार किया है। यही कारण है कि आज पूरा विश्व सूर्य की किरणें का स्वागत योग े साथ भी रहा है।
पीएम मोदी ने कहा कि आज विश्व का हर देश, हर नागरिक योग को अपना मानने लगा है। हम हिन्दुस्तानियों के लिए बड़ा संदेश है कि हम इस परंपरा के धनी हैं। अगर हम अपनी विरासत पर गर्व करना शुरू कर दें तो दुनिया गर्व करने में पीछे नहीं रहेगी। हिन्दुस्तान ने खुद को योग से जोड़ा तो दुनिया भी योग से जुड़ गई। मैं विश्वास से कह सकता है कि अगर दुनिया में योग करने वाले लोगों के आंकडे़ जमा किए जाएं तो भारी संख्या देखने को मिलेगी। आज योग नई ऊर्जा दे रहा है। भारत में भी हिमालय से लेकर राजस्थान तक योग फैलगया है। उन्होंने कहा कि जब तोड़ने वाली ताकतें हावी होती हैं तो बिखराव आता है, समाज में दीवारें खड़ी होती हैं परिवार में कलह बढ़ता है और जीवन में तनाव बढ़ता चला जाता है। इस बिखराव के बीच योग जोड़ने का काम करता है। योग आज दुनिया की सबसे शक्तिशाली एकीकृत बल में से एक बन गया है। कहा कि योग के कारण दुनिया आज इलनेस से वेलनेस की तरफ बढ़ रही है।
योग पारंपरिक होने के साथ ही मार्डर्न भी है। योग के पास परेशानियों का सटीक उपचार है। मैने पढ़ा कि हर साल करोड़ों लोग दुनिया भर में हार्ट बीमारी के लड़ते हैं। योग इसके लिए लाभदायक है। बांटने की जगह योग जोड़ता है। बीमारी में आराम देता है। भाईचारे और खुशहाली का प्रतीक है। इसके बाद पीएम मोदी ने सभी से योग से जुड़ने का आह्वान किया और इस बडे़ आयोजन के लिए उत्तराखण्ड का धन्यवाद कहकर अपना संबोधन समाप्त किया।

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